Rahul Gandhi: कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनते ज्योतिरादित्य सिंधिया, बीजेपी में बने बैकबेंचर

राहुल गांधी ने कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में रहकर कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे, इसके लिए उन्हें कांग्रेस में ही आना पड़ेगा

Updated: Mar 08, 2021, 07:19 PM IST

Rahul Gandhi: कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनते ज्योतिरादित्य सिंधिया, बीजेपी में बने बैकबेंचर
Photo Courtesy : Naidunia

दिल्ली/भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में दल-बदल के कारण कांग्रेस की सरकार गिरने के करीब एक साल बाद पहली बार ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में अपनी चुप्पी तोड़ी है। राहुल ने कहा है कि अगर सिंधिया कांग्रेस में रहते तो एक दिन ज़रूर मुख्यमंत्री बनते। लेकिन अब बीजेपी में जा कर सिंधिया बैकबेंचर बन गए हैं।  

राहुल गांधी के इस बयान की जानकारी एक न्यूज़ चैनल ने दी है। चैनल के मुताबिक राहुल गांधी ने सिंधिया के बारे में यह टिप्पणी पार्टी की युवा इकाई को संबोधित करते हुए की है। खबर के मुताबिक राहुल ने कहा कि सिंधिया के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पार्टी को मज़बूत करने का विकल्प था। लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। सिंधिया कांग्रेस में बने रहते तो एक दिन मुख्यमंत्री ज़रूर बनते। लेकिन अब वे बैकबेंचर बन गए हैं।

सिंधिया को कांग्रेस में आना पड़ेगा : राहुल 
इतना ही नहीं, चैनल के मुताबिक राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने यह बात सिंधिया से कही भी थी कि आप एक दिन मुख्यमंत्री ज़रूर बनेंगे। लेकिन उन्होंने दूसरा रास्ता अख्तियार करना ठीक समझा। राहुल ने कहा कि सिंधिया बीजेपी में कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे। मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्हें कांग्रेस में ही आना पड़ेगा।  

दरअसल मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी और राज्य की तत्कालीन कमल नाथ सरकार के खिलाफ बगावती तेवर अपना लिए थे। उन्होंने अपने समर्थक विधायकों के साथ पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम लिया, जिस वजह से कांग्रेस की सरकार गिर गई। इसके बाद राज्य में 28 सीटों पर उपचुनाव हुए जिसमें बीजेपी ने अपने दम पर बहुमत हासिल कर लिया।

सिंधिया जब कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी के कुनबे में शामिल हुए थे, तब राहुल ने कहा था कि इकलौते ज्योतिरादित्य ही थे, जिन्हें उनके घर आने के लिए इजाज़त लेने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। राहुल ने कहा था कि सिंधिया के लिए उनके घर के दरवाज़े हमेशा के लिए खुले रहेंगे। लेकिन इसके बाद पिछले करीब एक साल के दौरान राहुल गांधी या ज्योतिरादित्य सिंधिया, दोनों ने ही एक दूसरे के खिलाफ या समर्थन में कोई टिप्पणी नहीं की। ऐसे में राहुल गांधी का यह कहना कि सिंधिया को अगर मुख्यमंत्री बनना है तो उन्हें वापस कांग्रेस में ही आना पड़ेगा, सियासी हलकों में अटकलों के एक नए दौर की शुरुआत कर सकता है।