MP में खाद की भयंकर किल्लत, सीएम बोले- ये अफवाह है, खाद की कोई कमी नहीं है

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तमाम लोग, महिलाएं और बच्चे खाद यूरिया के लिए सुबह से शाम तक लाइन में लगे हैं। मुख्यमंत्री जानबूझकर झूठी बयानबाजी कर रहे हैं।

Updated: Nov 13, 2022, 02:43 PM IST

MP में खाद की भयंकर किल्लत, सीएम बोले- ये अफवाह है, खाद की कोई कमी नहीं है

भोपाल। मध्य प्रदेश के किसान खाद संकट से जूझ रहे हैं। अधिकांश जिलों में बोवनी के लिए खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। एक-एक बोरी खाद के लिए किसान लाइनों में खड़े हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसे अफवाह करार दिया है। उन्होंने प्रदेश भर में खाद की कमी की खबरों का खंडन किया है।

सीएम चौहान ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि, 'प्रदेश में लगातार खाद की आपूर्ति की जा रही है। हम खाद की कमी नहीं आने देंगे। तकनीकी कारणों से बीच में थोड़ी दिक्कत आई थी। खाद की उपलब्धता है। मैं आपको आश्वस्त कर रहा हूं। आप बिल्कुल चिंता न करें। जरूरत के अनुसार खाद मिलेगी। कुछ लोग अफवाह और भ्रम फैलाकर प्रदेश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं। ऐसे लोगों से हम सख्ती से निपटेंगे। गड़बड़ करते हुए पाया जाएगा, तो कार्रवाई होगी। आप आश्वस्त रहें आपको पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी।'

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सीएम चौहान के इस बयान पर विपक्ष हमलावर है। विधानसभा ने नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि, 'मैं मुख्यमंत्री के बयान का विरोध करता हूं। तमाम लोग, महिलाएं और बच्चे खाद यूरिया के लिए सुबह से शाम तक लाइन में लगे हैं। ये जानबूझकर झूठी बयानबाजी कर रहे हैं । मैं पिछले सप्ताह भिण्ड जिले में था, वहां लाइनें लगी हुई हैं ,खाद है नहीं। गेहूं की बोवनी शुरु हो गई। सरसों की बुवाई हो चुकी है। लोगों ने उत्तर प्रदेश से मंहगी दर पर खाद खरीदकर सरसों की बुवाई की है। अगर मुख्यमंत्री जी मेरी बात को असत्य मानते हैं तो मेरे खिलाफ कार्रवाई करें। मैं कार्रवाई के लिए तैयार हूं।'

बता दें कि किसान रबी फसल की बोवनी की तैयारी में लगे हुए हैं। सहकारी समितियों में डीएपी खाद उपलब्ध न होने के कारण किसान परेशान हो रहे हैं।
उर्वरक वितरण केंद्रों पर भीड़ लगी हुई है। यूरिया के लिए भी किसानों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। स्थिति ये है कि तीन दिन तक लाइन में लगने के बाद दो बोरी खाद मिल रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान मजबूरन पड़ोसी राज्यों से महंगे दाम पर खाद ला रहे हैं। प्रदेश में भी खाद की कालाबाजारी की खबरें आ रही है।