इंदौर में CM हेल्पलाइन पर पेंडिंग पड़ी हजारों शिकायतें, 11 हजार शिकायतों को निराकरण का इंतजार

इंदौर कलेक्टर ने जिम्मेदार तहसीलदार, नायब तहसीलदार से किया जवाब तलब, जल्द से जल्द CM हेल्प लाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण का दिया आदेश, इंदौर में एक हजार से ज्यादा शिकायतें 100 दिन पुरानी हैं

Updated: Oct 12, 2021, 01:43 PM IST

इंदौर में CM हेल्पलाइन पर पेंडिंग पड़ी हजारों शिकायतें, 11 हजार शिकायतों को निराकरण का इंतजार
Photo Courtesy: cm dashbord

इंदौर। प्रदेश के मुख्यमंत्री जनता से वादे तो कर देते हैं लेकिन उन वादों का कोई फायदा जनता को नहीं मिल रहा है। प्रदेश की जनता को छोटी-छोटी चीजों के लिए परेशान होना पड़ता है। लेकिन मजाल है कि किसी भी विभाग में उनकी सुनवाई हो जाए। जनता की परेशानियों और मुसीबतों का अंदाजा लगाना हो तो CM हेल्पलाइन पर की गई शिकायतों पर गौर किया जा सकता है।

इंदौर में सीएम हेल्पलाइन पर मिली 11 हजार शिकायतें लंबित बताई जा रही हैं। इस मामले में प्रशासन ने दोषियों पर एक्शन लिया है। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने तीन तहसीलदारों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। इंदौर कलेक्टर ने हिदायत दी है कि सीएम हेल्प लाइन पर आए सभी मामलों को समय सीमा में हल किया जाए। मीडिया रिपोर्ट्स का दावा है कि इंदौर में जो 11 हजार शिकायतें लंबित है उनमें से एक हजार से ज्यादा शिकायतें 100 दिन से ज्यादा पुरानी हैं।

सबसे ज्यादा राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों को लेकर है। राजस्व के मामलों के निराकरण में लापरवाही के आरोप लगे हैं। जिसके बाद इंदौर कलेक्टर ने राऊ के तहसीलदार महेंद्र गौड़, हातोद की तहसीलदार ममता पटेल और नायब तहसीलदार हंसा को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब तलब किया है। इंदौर में करीब साढ़ें तीन हजार शिकायतें नगर निगम से को लेकर दर्ज हैं। वहीं राजस्व विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण, पुलिस, बैंक से जुड़ी शिकायतें करने वाले फरियादी शिकायतों के निराकण की बाट जोह रहे हैं। राऊ तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने बीते एक महीने में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कोई केस देखा ही नहीं। जिसकी वजह से वहां राजस्व विभाग के आधा सैकड़ा से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं।

वहीं हातोद तहसील के नायब तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने आवेदकों को सही जानकारियां नहीं उपलब्ध करवाई जिसकी वजह से समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। जिसके बाद इंदौर कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिए कि नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम सहित अन्य राजस्व अधिकारी अपनी  जिम्मेदारियों का निर्वहन ठीक से करें। उन्होंने हिदायत दी है कि सीएम हेल्प लाइन के तहत दर्ज शिकायतों का निराकरण समय सीमा में किया जाए। प्रदेश में सितंबर तक मध्यप्रदेश में सीएम हेल्प लाइन के डैशबोर्ड से मिले आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 15386682 शिकायतें दर्ज की गई हैं। जिनमें से कुल 15050286 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है।