MP में अघोषित आपातकाल: नेता प्रतिपक्ष ने लगाया कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यातनाएं देने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार ने अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाकर यातनाएं दी जा रही है।

Updated: Jan 21, 2023, 04:37 PM IST

MP में अघोषित आपातकाल: नेता प्रतिपक्ष ने लगाया कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यातनाएं देने का आरोप

ग्वालियर। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिंह ने कहा है कि मध्य प्रदेश में अघोषित आपातकाल लागू है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेलों में ठुसा जा रहा है। जेल के भीतर उन्हें यातनाएं दी जा रही है। वहीं, भाजपा के गुंडे प्रदेशभर में लूट मार मचाए हुए हैं।

सिंह ने ग्वालियर दौरे के दौरान प्रताड़ना की तस्वीरें जारी करते हुए प्रदेश के वर्तमान हालातों पर चिंता व्यक्त की। सिंह की ओर से कांग्रेस कार्यकताओं की तीन तस्वीरें जारी की गई, जिनमें देखा जा सकता है उनके कपड़े उतारकर पुलिस उन्हें यातनाएं दे रही है। उन्होंने कहा, 'आज प्रदेश में ना कोई बोल पा रहा है ना स्वतंत्र रूप से घूम पा रहा है। सभी की आवाज पर ताला लगा दिया गया है। यह आपातकाल नहीं तो क्या है? जो लोग सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हैं उन पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज किए जाते हैं।'

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कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि, 'शिवराज सरकार के खिलाफ बोलने वालों को जेलों में फांसी कोटा सहित गंभीर गुनहगारों की तरह उन्हें डाल दिया जाता है। 6 बाई 6 के पुलिस कमरे में उन्हें डाल दिया जाता है। रोशनदान भी बंद कर दिए जाते हैं। उनकी हवा और रोशनी पर भी रोक लगा दी जाती है। शून्य से 2 डिग्री तापमान के बीच उन्हें जेल में फटे हुए कंबल दिए जाते हैं। आनंद राय को आदिवासियों के समर्थन में आवाज उठाने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें सागर के जेल में यातनाएं दी गई। 

सिंह ने आगे कहा कि, 'कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री राजा पटेरिया की बातों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की और आज जेल में उनको यातनाएं दी जा रही है।' उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में लूटमार कर रहे हैं। सिंह ने कहा, 'सिवनी में दो आदिवासियों की बजरंग दल के लोगों ने गौ मांस खाने के संदेह में हत्या कर दी और एक को अधमरा कर दिया। पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।'

नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'मंडला जिले में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आदिवासी महिला की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। परिवार के लोगों को बेरहमी से मारा पीटा। उधर, ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में ज्ञापन देने गए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने छात्राओं की आड़ में बेरहमी से मारपीट की। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के दौरान पुतला दहन किया उस वक्त भी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जेल में डाल दिया गया। दतिया जिले के कांग्रेस के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता को थाने में बंद कर अंग्रेजों के समय जो यातनाएं दी जाती थी वैसी दी गई। कमर और हाथ में लाठी फंसा कर पीटा गया।'