कांग्रेस ने कहा, ग़लत तथ्य देकर विधानसभा सत्र स्थगित कराना आपराधिक कृत्य, दंडात्मक कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता और दिग्गज वकील विवेक तन्खा ने कहा, कांग्रेस का विशेष अधिकार का हनन का प्रस्ताव प्रिविलेज क़ानून के अनुरूप

Updated: Jan 24, 2021, 02:35 PM IST

कांग्रेस ने कहा, ग़लत तथ्य देकर विधानसभा सत्र स्थगित कराना आपराधिक कृत्य, दंडात्मक कार्रवाई की मांग
Photo Courtesy: Dainik Jagran

भोपाल। कांग्रेस नेता और दिग्गज वकील विवेक तन्खा ने मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र स्थगित करने के लिए कोरोना के फर्जी आंकड़े पेश किए जाने को आपराधिक कृत्य बताया है। उन्होंने ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी विवेक तन्खा की  इस मांग का समर्थन करते हुए दोषी अफसरों को कड़ी सज़ा दिए जाने की मांग की है। 

अधिकारी अब पब्लिक सर्वेंट्स कम और राजनीतिक ज़्यादा हो गए हैं : तन्खा  

कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा है, कांग्रेस विधायक दल का विशेष अधिकार का हनन का प्रस्ताव 3 IAS अधिकारियों के विरुद्ध प्रिविलेज क़ानून के अनुरूप है। ग़लत तथ्यों के आधार पर विधान सभा का सेशन स्थगित करवाया। यह आपराधिक कृत्य भी है। विभागीय जाँच कर इन अधिकारियों को दंडित भी किया जा सकता है। इस पूरे मामले में मुख्य सचिव की भागीदारी अफ़सोसजनक है। विवेक तन्खा ने कहा कि अधिकारी अब पब्लिक सर्वेंट्स (जनता के सेवक) कम और राजनीतिक ज़्यादा हो गए हैं। 

 

यह भी पढ़ें: क्या कोरोना के फ़र्ज़ी आंकड़े दिखा रद्द किया शीतकालीन सत्र, कांग्रेस ने विधानसभा में दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

अधिकारियों पर हो दंडात्मक कार्रवाई: दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद 

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने भी तीनों अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने तन्खा की मांग को जायज़ ठहराते हुए कहा है, 'आप ठीक कह रहे हैं विवेक। ऐसे अधिकारी जो विधान सभा की कार्यवाही प्रभावित करने के लिए झूठ बोलते है उन पर दण्डात्मक कार्रवाई होना चाहिए।' 

दरअसल कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस देकर कोरोना के फर्जी आंकड़ों के आधार पर मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र स्थगित करने का आरोप लगाया है। इसके लिए कांग्रेस ने तीन अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया है। इन तीन अधिकारियों में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर सचिव मोहम्मद सुलेमान, स्वास्थ्य सेवाएं आयुक्त संजय गोयल, और भोपाल ज़िले के सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी शामिल हैं। कांग्रेस ने कहा है कि तीनों अधिकारियों ने एक तय साजिश के तहत कोरोना के झूठे आंकड़े पेश किए ताकि विधानसभा के सत्र को स्थगित किया जा सके। कांग्रेस ने कहा है कि शायद किसी के इशारे पर सत्र को स्थगित करने की साजिश इन अधिकारियों ने रची।