Bihar Election 2020: चिराग पासवान की इश्तेहार पॉलिटिक्स

NDA में कलह,अखबारों में विज्ञापन से नीतीश कुमार पर निशाना, वो लड़ रहे हैं हम पर राज करने के लिए, हम लड़ रहे हैं बिहार पर नाज करने के लिए

Updated: Sep 05, 2020 09:49 AM IST

Bihar Election 2020:  चिराग पासवान की इश्तेहार पॉलिटिक्स
Photo Courtsey: Indias Opinion

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे प्रदेश का राजनीतिक मौसम बदलता जा रहा है। इस बार सूबे की राजनीतिक मौसम में बदलाव लाने वाले और कोई नहीं बल्कि राजनीति के मौसम वैज्ञानिक माने जाने वाले रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान हैं। जेडीयू से चल रहे एलजेपी की नाराजगी के बीच चिराग ने बिहार के सभी अखबारों के पहले पन्ने पर विज्ञापन छपवाकर सीएम नीतीश कुमार पर इशारों में हमला बोला है।

दरअसल, शुक्रवार (04 सितंबर) को बिहार के सभी हिंदी-अंग्रेजी अखबारों सहित दिल्ली और मुंबई के प्रमुख अखबारों में भी एक विज्ञापन छपा है। पहले पन्ने पर छपा यह विज्ञापन बिहार चुनाव को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी ने छपवाया है। इस विज्ञापन में लिखा गया है कि, 'वो लड़ रहे हैं हम पर राज करने के लिए, हम लड़ रहे हैं बिहार पर नाज करने के लिए।' माना जा रहा है कि इस विज्ञापन के माध्यम से एलजेपी ने इशारों में सीएम नीतीश को कठघरे में लिया है और यहां 'वो' का मतलब जेडीयू से है।

 

इस विज्ञापन में एलजेपी ने नारा दिया है कि, 'आओ बनाएं नया बिहार, युवा बिहार, चलो-चलें युवा बिहारी के साथ। बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट। साथ ही इसमें पार्टी ने अपने पुराने टैगलाइन धर्म न जात, करें सबकी बात को दोहराया है। पार्टी ने अपने विज्ञापन में सांसद चिराग पासवान की बड़ी तस्वीर लगाई है वहीं रामविलास की तस्वीर छोटी है। इसी के साथ एलजेपी ने माता सीता, भगवान महावीर, भगवान बुद्ध, गुरु गोबिंद सिंह साहेब , चाणक्य , चंद्रगुप्त मौर्य , सम्राट अशोक , आर्यभट, शेरशाह सूरी , वीर कुंवर सिंह , महात्मा गांधी राजेंद्र प्रसाद, बाबा साहब, रामधारी सिंह दिनकर, श्री कृष्णा सिंह, जय प्रकाश नारायण कर्पूरी ठाकुर जैसे महान लोगों की तस्वीरें भी लगाई है।

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राजनीतिक जानकार एलजेपी के इस विज्ञापन को कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना के जैसा देख रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सच में 'वो' जेडीयू और सीएम नीतीश कुमार के लिए लिखा गया है? क्या कथित मौसम वैज्ञानिक के बेटे ने मौसम का रुख भांपते हुए अलग होने का फैसला लिया है?

क्या है विवाद का मुख्य कारण?

दरअसल, काफी समय से चिराग पासवान बिहार के सीएम नीतीश कुमार और प्रदेश सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं। एक गठबंधन के घटक दल होने के बाद भी एलजेपी और जेडीयू में हमेशा विवाद की स्थिति बनी रही है। लेकिन यह विवाद तब और बढ़ गया जब जेडीयू ने हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के साथ गठबंधन कर लिया और जीतन मांझी एक बार फिर नीतीश के साथ हो गए। दोनों पार्टियां खुद को सूबे के दलित और महादलित समुदाय की हितैषी मानती है। ऐसे में एक तरह के दो लोगों का एकसाथ रहना दूभर होता दिख रहा है।

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बीते दिनों यब खबरें भी आई थी कि एलजेपी जेडीयू के कुछ उम्मीदवारों के खिलाफ़ अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारेगी। इसके बाद 'हम' के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने चिराग पर निशाना साधते हुए कहा था कि अगर वह ऐसी हिमाकत करेंगे तो हम लोजपा उम्मीदवारों के खिलाफ मैदान में अपने उम्मीदवारों को उतारेंगे। वहीं मामले पर लोजपा ने हम नेताओं को अपनी हैसियत में रहने की बात कही है। 

गौरतलब है कि एलजेपी कहती है कि उसका गठबंधन बीजेपी के साथ है वहीं हम कहती है कि उसका गठबंधन जेडीयू के साथ है। वहीं जेडीयू और बीजेपी का आपस में गठबंधन है। ऐसे में चारों पार्टियां एकदूसरे के साथ होकर भी एकदूसरे के विरोधी हो गए हैं। अब देखना यह होगा कि चुनाव के समय एनडीए गठबंधन के घटक दलों का अंदरूनी कलह किस हद तक बढ़ता है और इसका प्रभाव टिकट बंटवारे से लेकर चुनाव अभियान में क्या पड़ने वाला है।