शौर्य और साहस का दूसरा नाम थे जनरल बिपिन रावत, पीएम मोदी ने जांबाज योद्धा के निधन पर जताया शोक

देश के जांबाज योद्धा जनरल रावत के निधन से देशभर में शोक की लहर, पीएम मोदी ने बताया उत्कृष्ट सिपाही, राहुल गांधी बोले- यह एक अभूतपूर्व त्रासदी, गृह मंत्री, रक्षा मंत्री समेत तमाम दिग्गजों ने जताया शोक

Updated: Dec 08, 2021, 07:33 PM IST

शौर्य और साहस का दूसरा नाम थे जनरल बिपिन रावत, पीएम मोदी ने जांबाज योद्धा के निधन पर जताया शोक
Photo Courtesy: ABP

नई दिल्ली। तमिलनाडु के कुन्नूर के पास हुए एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में देश ने अपना एक जांबाज योद्धा खो दिया है। शौर्य और साहस के प्रतीक CDS रावत की मौत की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। देशभर के लोग जनरल रावत की निधन से स्तब्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जनरल रावत के निधन पर दुःख जताते हुए कहा है कि वे एक उत्कृष्ट सिपाही थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस दुर्घटना के त्रासदी बताया है। देश के गृहमंत्री, रक्षा मंत्री समेत तमाम दिग्गज नेताओं ने रावत की मौत पर शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीडीएस रावत के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि, 'बिपिन रावत एक उत्कृष्ट सैनिक और एक सच्चे देशभक्त थे। उन्होंने पूरी लगन से भारत की सेवा की। उन्होंने हमारे सशस्त्र बलों और सुरक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण में काफी योगदान दिया। सामरिक मामलों पर उनकी अंतर्दृष्टि और दृष्टिकोण असाधारण था। उनके निधन से मुझे गहरा दुख पहुंचा है। ऊं शांति।' 

सीडीएस रावत के निधन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा कि, 'मैं जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी के निधन के बाद परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. यह एक अभूतपूर्व त्रासदी है और इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। अपनी जान गंवाने वाले अन्य सभी लोगों के प्रति भी मेरी संवेदना है। इस दुख की घड़ी में भारत एक साथ खड़ा है।' 

गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा कि, 'देश के लिए यह एक बहुत ही दुखद दिन हैं। हमने अपने सीडीएस जनरल बिपिन रावत जी को एक बहुत ही दुखद दुर्घटना में खो दिया है। वह देश के सबसे बहादुर सैनिकों में से एक थे। उन्होंने अत्यंत भक्ति के साथ मातृभूमि की सेवा की है। उनकी प्रतिबद्धता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मुझे गहरा दुख हुआ है।' 

इस घटना को लेकर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि, 'जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सशस्त्र बलों के जवानों के आकस्मिक निधन से गहरा दुख हुआ। उनका असामयिक निधन हमारे सशस्त्र बलों और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। जनरल रावत ने असाधारण साहस और लगन से देश की सेवा की थी। पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में उन्होंने हमारे सशस्त्र बलों को संयुक्त करने की योजना तैयार की थी। इस हादसे में अपनों को खोने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।' 

यह भी पढ़ें: शहडोल राजघराने के दामाद थे CDS बिपिन रावत, कांग्रेस नेता मृगेंद्र सिंह की बेटी थीं मधुलिका रावत

7 हजार लोगों की बचाई थी जान

जनरल बिपिन रावत ने देश के साथ-साथ अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी सेवाएं दी हैं। वे कांगो के UN Mission में शामिल थे और वहां उन्होंने 7 हजार लोगों की जान बचाई थी। 2016 में उन्हें आर्मी चीफ बनाया गया। उन्होंने भारतीय सेना के 27वें प्रमुख के तौर तीन साल तक सेवाएं दीं। उन्होंने 31 दिसंबर 2019 को आर्मी चीफ के पद से इस्तीफा दिया था। जिसके बाद उन्होंने देश के पहले CDS अधिकारी की जिम्मेदारी मिली थी।