Whatsapp की मनमानी पर भारत सरकार सख्त, कहा- पॉलिसी वापस लो वरना होगी कार्रवाई

वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर आईटी मंत्रालय ने नोटिस भेजकर इसे वापस लेने का दिया आदेश, 7 दिनों के भीतर कंपनी को देना होगा जवाब

Updated: May 20, 2021, 10:11 AM IST

Whatsapp की मनमानी पर भारत सरकार सख्त, कहा- पॉलिसी वापस लो वरना होगी कार्रवाई
Photo Courtesy: The Financial Express

नई दिल्ली। वॉट्सऐप की विवादास्पद प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर दुनियाभर में बवाल मचा हुआ है। कंपनी ने 15 मई से इसे भारत समेत कई देशों में लागू भी कर दिया है। whatsapp new privacy policy लागू होने के चार दिन बाद भारत सरकार ने मामले में हस्तक्षेप किया है। सरकार ने वॉट्सऐप को इस विवादास्पद पॉलिसी को वापस लेने का आदेश जारी किया है। केंद्र सरकार ने कंपनी को सख्त लहजे में कहा है कि अगर वह इसे वापस नहीं लेती है तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस संबंध में वॉट्सऐप को कल ही नोटिस जारी किया है। मंत्रालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि, 'कंपनी की यह पॉलिसी भारतीय यूजर्स के निजता और डेटा सिक्युरिटी के अधिकारों का हनन करने वाली है। देश के करोड़ों यूजर्स संचार के माध्यम के तौर पर वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी ने इस पॉलिसी को लागू कर गैर-जिम्मेदाराना रवैया प्रदर्शित किया है।'

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आईटी मंत्रालय ने वॉट्सऐप द्वारा थोपे गए इस पॉलिसी को भेदभावपूर्ण करार दिया है। नोटिस में कहा गया है की कंपनी को भारतीय यूजर्स के चॉइस और निजता का सम्मान करना चाहिए। दरअसल, यूरोपियन देशों में वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी अलग है। सरकार ने कंपनी को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि वो इसे वापस नहीं लेती है तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सात दिनों के भीतर इस नोटिस का जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट में चल रहा है मामला

वॉट्सऐप की इस नई पॉलिसी का मामला दिल्ली हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। उच्च न्यायालय में इससे संबंधित याचिकाओं के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि वॉट्सऐप न सिर्फ भारतीय आईटी कानूनों का उल्लंघन कर रही है बल्कि भारतीय और यूरोपियन यूजर्स में फर्क कर रही है। वहीं कंपनी ने दलील दिया है कि वह भारतीय कानूनों का पूरी तरह से पालन करती है। इस मामले पर अगली सुनवाई 3 जून को होनी है।

बता दें कि वॉट्सऐप ने अपनी पैरेंट कंपनी फेसबुक को लाभ पहुंचाने के लिए नियम बनाया है कि यूजर्स का डेटा फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत अन्य पार्टनर्स कंपनियों के साथ साझा किया जाएगा। इसी बात को लेकर यूजर्स आशंकित हैं कि 'एंड टू एंड एनकरीपटेड' होने का दावा करने वाली वॉट्सऐप उनके निजी चैट्स और तस्वीरें थर्ड पार्टी के साथ साझा करेगी। ऐसे में यूजर्स की निजता भंग होगी। 

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हालांकि, कंपनी का दावा है की नई पॉलिसी सिर्फ बिजनेस अकाउंट के लिए है। यानी पर्सनल अकाउंट से किए गए चैट्स साझा नहीं किए जाएंगे। लेकिन यह बात इसलिए गले नहीं उतर रही है क्योंकि यदि ऐसा है तो फिर कंपनी सभी यूजर्स पर यह पॉलिसी मानने का दबाव फिर क्यों बना रही है। वॉट्सऐप इस बात पर अड़ा हुआ है की सभी को ये पॉलिसी स्वीकार करना होगा। ऐसे नहीं करने पर अकाउंट को बंद तो नहीं किया जाएगा, लेकिन धीरे-धीरे सभी फीचर्स को रोक देगा। मसलन आप वॉइस और वीडियो कॉल नहीं कर सकेंगे। साथ ही लोगों के मैसेज सिर्फ पढ़ सकेंगे किंतु उन्हें रिप्लाई नहीं कर सकेंगे। टेक एक्सपर्ट्स इसे वॉट्सऐप की मनमानी के तौर पर देख रहे हैं।