1 फ़रवरी को अब नहीं होगा किसानों का संसद मार्च, 30 जनवरी को करेंगे एक दिन का उपवास

संयुक्त किसान मोर्चे ने देर रात प्रेस कॉन्फ़्रेंस में किया फ़ैसले का एलान, गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की निंदा की, दीप सिद्धू और किसान मजदूर संघर्ष समिति के अलावा दिल्ली पुलिस और सरकार को भी जिम्मेदार बताया

Updated: Jan 28, 2021, 11:55 AM IST

1 फ़रवरी को अब नहीं होगा किसानों का संसद मार्च, 30 जनवरी को करेंगे एक दिन का उपवास
Photo Courtesy: Indian Express

नई दिल्ली। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने एलान किया कि गणतंत्र दिवस को हुई घटनाओं के बाद उन्होंने बजट के दिन 1 फरवरी को प्रस्तावित संसद मार्च के कार्यक्रम को स्थगित करने का फ़ैसला किया है। उन्होंने  26 जनवरी के दिन किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा और अराजकता पर खेद जताते हुए उसकी निंदा की है। संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं ने कहा कि कुछ लोगों ने आंदोलन की छवि को खराब करने के लिए लाल किले की ओर कूच किया, जो हमारी परेड के तय रूट का हिस्सा नहीं था।

किसान नेताओं ने कहा कि ट्रैक्टर परेड का एलान किसान मोर्चा ने किया था, इसलिए वे घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खेद जताते हैं और पश्चाताप के लिए महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को एक दिन का उपवास रखेंगे। उन्होंने एलान किया कि किसानों का आंदोलन जारी था, जारी है और जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने आंदोलन को खत्म करने के लिए किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब और दीप सिद्धू के साथ मिलकर साजिश की, जिसके चलते यह सब हुआ। किसान नेताओं ने कहा कि तिरंगा देश की शान है और हमेशा रहेगा। 

यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस ने किसान नेताओं पर तो खुलकर लगाए आरोप, लेकिन दीप सिद्धू का नाम तक नहीं लिया

किसान मोर्चा ने दिल्ली पुलिस और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी को सरकार ने साजिश के तहत आगे बैठाया। सुबह आसानी से बैरिकेडिंग तोड़कर उन्हें निकलने दिया गया। इस दौरान पुलिस ने बहुत ही मामूली प्रतिरोध किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के ट्रैक्टर रूट को दिशा भ्रमित किया गया। सबको लाल किले और आईटीओ की तरफ जाने दिया गया, ताकि किसान अंदर जाएं और विवाद बढ़े।

किसान संगठनों की देर रात हुई इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस से पहले दो किसान संगठनों ने आंदोलन से पीछे हटने का एलान किया। राष्‍ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता वीएम सिंह ने अपने संगठन को इस आंदोलन से अलग करने का फैसला लिया है। उन्‍होंने कहा कि हम अपना आंदोलन यहीं खत्‍म करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा संगठन इस आंदोलन से अलग है। भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) ने भी खुद को इस आंदोलन से दूर कर लिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर चल रहा धरना खत्‍म किया जा रहा है।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने बुधवार को कई किसान नेताओं पर एफआईआर दर्ज की है। किसान नेता दर्शन पाल सिंह, राजिंदर सिंह, बलबीर सिंह राजेवाल, बूटा सिंह और जोगिंदर सिंह पर पुलिस ने ट्रैक्टर रैली के लिए जारी एनओसी तोड़ने के लिए एफआईआर दर्ज किया गया है। FIR भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का भी नाम है।