यदि जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं, तो नए साथियों को मौका दें, स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में बोले खड़गे

पार्टी के महासचिव और प्रभारी अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करें, जिन प्रांतों में आज से साल 2024 के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां चुनाव तक क्या प्लानिंग व एक्टिविटी शेड्यूल है: स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में खड़गे ने दी कांग्रेस नेताओं को नसीहत

Updated: Dec 04, 2022, 01:22 PM IST

यदि जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं, तो नए साथियों को मौका दें, स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में बोले खड़गे

नई दिल्ली। कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में आज मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी नेताओं को काफी नसीहतें दी। खड़गे ने कहा कि जो लोग जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं, वो किसी नए साथी को मौका दें। उन्होंने पार्टी के सभी महासचिव और प्रभारियों से कहा कि आगामी चुनाव को लेकर कार्ययोजना क्या है वो पेश करें। इस दौरान उन्होंने "भारत जोड़ो यात्रा" को लेकर कहा कि यह जनआंदोलन बन चुका है।

कांग्रेस स्टीयरिंग कमेटी की पहली बैठक को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, 'अगर कांग्रेस संगठन मजबूत होगा, जवाबदेह होगा, लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेगा, तो ही हम चुनावी जीत हासिल कर देश के लोगों की सेवा कर पाएंगे. मेरा मानना है कि पार्टी और देश के प्रति हमारी जिम्मेदारी का सबसे बड़ा हिस्सा है- “Organizational Accountability from top to bottom।”

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा अपनी बात को शुरू करते हुए कहा कि मैं देश के सामने जो चुनौतियां हैं, उन पर चर्चा करूं, इससे पहले मैं आप सबसे कांग्रेस संगठन के बारे में और हमारी जिम्मेदारियों के बारे में बात करना चाहूंगा। उन्होंने कहा, 'मैं पार्टी के महासचिवगण व प्रभारीगण से चाहुंगा कि वो सबसे पहले खुद की जिम्मेदारी तथा संगठन की जिम्मेदारी सुनिश्चित करें।आप अपने विवेक से चिंतन करें कि क्या महासचिव गण व प्रांतों के प्रभारी, पदाधिकारी अपने जिम्मेदारी वाले प्रांतों में महीने में कम से कम 10 दिन दौरा करते हैं? क्या आपने हर जिला, इकाई पर जाकर पार्टी के नेताओं से चर्चा की है? क्या स्थानीय समस्याएं जानी हैं? क्या सभी जिला कांग्रेस व ब्लॉक कांग्रेस कमिटी का गठन हो चुका है? क्या आपकी संघटन जमीनी हकीकत के मुताबिक लोगों के लिए संघर्ष कर रही हैं?'

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कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि, 'क्या ब्लॉक व जिला स्तर पर ज्यादा से ज्यादा नए चेहरों को मौका दिया गया है? कितनी इकाईयां ऐसी हैं, जहां जिला व ब्लॉक, पांच साल से नहीं बदले गए? ब्लॉक जिला व प्रदेश स्तर पर स्थानीय समस्याओं, प्रांतीय समस्याओं व देश के समक्ष चुनौतियों पर AICC के आदेशानुसार कितनी बार आंदोलन हुआ है? क्या अग्रिम संगठन, पार्टी के डिपार्टमेंट्स व उनकी इकाईयां उन वर्गों की आवाज उठा रही हैं, जिनकी आवाज बनने के लिए उनका गठन हुआ है?' उन्होंने महासचिवों व प्रभारियों से पूछा, 'आपके प्रदेश में, जिसके आप प्रभारी हैं, अगले 30 दिन से 90 दिन के बीच में संगठन व जनहित के मुद्दों पर आंदोलन के लिए क्या रूपरेखा है? जिन प्रांतों में आज से साल 2024 के बीच विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां चुनाव तक क्या प्लानिंग व एक्टिविटी शेड्यूल है?'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि, 'जब तक आप स्वयं, आपके सचिवगण, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्षगण, पार्टी के विधायक मंडल व सांसदगण इन सब व अन्य महत्वपूर्ण चीज़ों का खाका तैयार कर जमीनी स्तर पर लागू नहीं करेंगे, हमारी जिम्मेदारी पूर्ण नहीं हो सकती. पार्टी में जहां अपने कर्तव्य को निभाने वाले बहुत जिम्मेदार लोग हैं, वहीं कुछ साथियों ने यह मान लिया है कि जिम्मेदारी निभाने में कमी को नजरंदाज कर दिया जाएगा। यह न तो ठीक है और न ही मंजूर किया जा सकता। जो लोग जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें नए साथियों को मौका देना पड़ेगा। मैं उम्मीद करता हूं कि आप सब संगठन व आंदोलन का एक खाका तैयार कर अगले 15 से 30 दिनों में इस पर मिल-बैठकर मुझसे चर्चा करेंगे।'

खड़गे ने भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कहा, 'देश में एक नया इतिहास लिखने वाली राहुल गांधी जी के नेतृत्व में चल रही ‘‘भारत जोड़ो यात्रा'' आज 88 दिन पूरे कर रात के समय राजस्थान की सीमा में प्रवेश करेगी। यह यात्रा अब एक राष्ट्र आंदोलन का रूप ले चुकी है। एक ऐसा आंदोलन, जो देश में कमरतोड़ महंगाई, भयंकर बेरोजगारी, नाकाबिले बर्दाश्त आर्थिक व सामाजिक असमानता तथा नफरत की राजनीति के खिलाफ एक निर्णायक जंग का आह्वान है। देश के करोड़ों लोग राहुल गांधी जी व कांग्रेस के संकल्प से जुड़े हैं। इनमें भारी संख्या में वो लोग भी हैं, जो कांग्रेस से नहीं जुड़े थे, या फिर हमारी आलोचना किया करते थे। भारत जोड़ो यात्रा का एक राष्ट्रीय जन आंदोलन का रूप ले लेना ही इस यात्रा की सबसे बड़ी कामयाबी है।'