File FIR against Kangana: कर्नाटक की अदालत ने कंगना रनौत के खिलाफ FIR दर्ज करने का दिया निर्देश

Kangana Ranaut on Farm Laws: कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को आतंकी कहने का मामला

Updated: Oct 10, 2020 10:52 AM IST

File FIR against Kangana: कर्नाटक की अदालत ने कंगना रनौत के खिलाफ FIR दर्ज करने का दिया निर्देश
Photo Courtsey: The Indian Express

बेंगलुरू। आंदोलन कर रहे किसानों को आतंकी कहना बॉलिवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को भारी पड़ रहा है। कर्नाटक के तुमकुर की अदालत ने इस मामले में कंगना रनौत के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। दरअसल, कंगना ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को अपने ट्वीट में आतंकी बता दिया था। उनकी इस टिप्पणी के खिलाफ वकील रमेश नाइक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कंगना ने किसानों को आतंकी बताकर उनका अपमान किया है। इस पर कर्नाटक के तुमकुर की अदालत ने क्याथासंदरा पुलिस स्टेशन को कंगना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला ?

ये मसला कंगना रनौत के 20 सितंबर को किए गए एक ट्वीट से जुड़ा है। उस वक्त देशभर के किसान मोदी सरकार के लाए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को अपने पक्ष में करने के लिए एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने एमएसपी जारी रखने का भरोसा दिलाया था। कंगना रनौत ने पीएम मोदी के इसी ट्वीट को रिट्वीट करते हुए किसानों के बारे में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी।

कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा था, "प्रधानमंत्री जी कोई सो रहा हो उसे जगाया जा सकता है, जिसे ग़लतफ़हमी हो उसे समझाया जा सकता है मगर जो सोने की ऐक्टिंग करे, नासमझने की ऐक्टिंग करे उसे आपके समझाने से क्या फ़र्क़ पड़ेगा? ये वही आतंकी हैं CAA से एक भी इंसान की सिटिज़ेन्शिप नहीं गयी मगर इन्होंने ख़ून की नदियाँ बहा दी।"

 

 

कंगना के इस ट्वीट की उस वक्त भी काफी आलोचना हुई थी। लेकिन कंगना सीधे तौर पर अपनी गलती मानने की बजाय बयानबाज़ी ही करती रहीं। सफाई देने की जगह उन्होंने फिर एक ऐसा ट्वीट कर डाला, जो नए विवाद की वजह बना। कंगना ने 21 सितंबर को लिखा, ''जैसे श्री कृष्ण की नारायणी सेना थी, वैसे ही पप्पू की भी अपनी एक चंपू सेना है जो की सिर्फ़ अफ़वाहों के दम पे लड़ना जानती है। यह है मेरा ऑरिजिनल ट्वीट अगर कोई यह सिद्ध कर दे कि मैंने किसानों को आतंकी कहा, मैं माफ़ी मांगकर हमेशा के लिए ट्वीटर छोड़ दूँगी.''