रक्षा प्रमुख के निधन का जिम्मेदार MI-17 V5 मिलिट्री का सबसे आधुनिक हेलीकॉप्टर कैसे हुआ फेल

MI-17 V5 हेलीकॉप्टर रूस में बना Mi-8/17 series का सबसे आधुनिक विमान माना जाता है.. साल 2008 में भारत सरकार ने 80 हेलीकॉप्टर्स को 130 करोड़ डॉलर्स में रूस से खरीदा था.. भारतीय वायुसेना द्वारा इस्तेमाल किया जानेवाला सबसे आधुनिक हेलीकॉप्टर प्रधानमंत्री तक करते हैं उपयोग, सभी मौसमों के लिए होता है उपयुक्त

Updated: Dec 09, 2021, 01:47 PM IST

रक्षा प्रमुख के निधन का जिम्मेदार MI-17 V5 मिलिट्री का सबसे आधुनिक हेलीकॉप्टर कैसे हुआ फेल

नई दिल्ली। तमिलनाडु के कुन्नूर में वायुसेना का हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद इसकी सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन जिस MI-17 V5 में जनरल बिपिन रावत सफर कर रहे थे, उसे बेहद ताकतवर और सुरक्षित कैटेगरी में गिना जाता है। भारतीय वायु सेना का यह हेलीकॉप्टर न सिर्फ भारत में बल्कि दुनियाभर में सबसे आधुनिक हेलीकॉप्टरों की श्रेणी में आता है। बताते हैं कि इसमें डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर भी है ताकि उड़ान के दौरान कॉकपिट में हो रही बातचीत को मॉनिटर किया जा सके।

इस हेलीकॉप्टर के दमखम का आंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से लेकर तमाम दिग्गजों द्वारा इसका इस्तेमाल किया जाता है। ये हेलीकॉप्टर खराब मौसम के लिहाज से भी सबसे उपयुक्त माना जाता है। इसीलिए विशेषज्ञ भी इस बात से हैरान हैं कि मौसम के कारण यह विमान दुर्घटनाग्रस्त कैसे हो गया। बहरहाल, यह तो जांच के बाद ही पता चल सकता है कि यह दुर्घटना क्यों और कैसे हुई?

यह भी पढ़ें: शौर्य और साहस का दूसरा नाम थे जनरल बिपिन रावत, पीएम मोदी ने जांबाज योद्धा के निधन पर जताया शोक

रूस निर्मित यह हेलीकॉप्टर दुनियाभर में मौजूद सैन्य ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर्स के आधुनिक संस्करणों में से एक है। यह रूसी मूल के MI-8/17 श्रृंखला का विमान है। मनमोहन सिंह की सरकार ने साल 2008 में 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर में 80, MI-17 V5 हेलीकॉप्टरों के लिए रूस से करार किया था। इनमें से पहला हेलीकॉप्टर साल 2013 में भारत आया था। और इसके पांच साल के भीतर यानी 2018 तक सभी हेलिकॉप्टर्स भारत को मिल गए थे। 

जानकारी के मुताबिक इस हेलीकॉप्टर के कई प्रकार हैं। इनमें सैनिकों को ले जाने के लिए 36-सीट वाला, कार्गो परिवहन के लिए और एक इमरजेंसी फ्लोटेशन सिस्टम वाला संस्करण शामिल है। यह हेलीकॉप्टरसी सिंगल पायलट, को-पायलट और फ्लाइट इंजीनियर सहित तीन सदस्यीय चालक दल द्वारा संचालित होता है। यह हेलीकॉप्टर प्रति घंटे 250 किमी की अधिकतम गति और 230 किमी प्रति घंटे की क्रूज गति से उड़ान भरने में सक्षम है। 

यह भी पढ़ें: अंतराष्ट्रीय स्तर पर 7 हजार लोगों की जान बचा चुके हैं CDS बिपिन रावत, 2015 में भी हुए थे हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार

MI-17 V5 के मुख्य ईंधन टैंक की सीमा 675 किलोमीटर है, जबकि दो सहायक ईंधन टैंक के साथ यह 1,180 किमी तक उड़ान भर सकता है। यह अधिकतम 4,000 किलोग्राम तक का भार ले जाने में सक्षम है। इस हेलीकॉप्टर को हर मौसम में उड़ाया जा सकता है। इसमें खराब मौसम, दुर्गम इलाकों की चुनौतियों और भू-सैनिकों से निपटने की क्षमता है।