महाराष्ट्र में होंगे मध्यावधि चुनाव, 6 महीने में गिर जाएगी एकनाथ शिंदे सरकार, शरद पवार का बड़ा दावा

एनसीपी नेता के मुताबिक, 'शरद पवार ने बैठक में कहा कि शिंदे का समर्थन कर रहे कई बागी विधायक मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं हैं। एक बार मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो जाने के बाद उनकी अशांति सामने आएगी, जिसके परिणामस्वरूप अंततः सरकार गिर जाएगी

Updated: Jul 04, 2022, 01:37 PM IST

महाराष्ट्र में होंगे मध्यावधि चुनाव, 6 महीने में गिर जाएगी एकनाथ शिंदे सरकार, शरद पवार का बड़ा दावा
Photo Courtesy: TheQuint

मुंबई। महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की सरकार बनते के साथ ही अब गिरने की भी अटकलें शुरू हो गई है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने इस बात के संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार अगले 6 महीने गिर जाएगी और महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव कराने होंगे।

पवार ने यह बयान राकांपा विधायकों और पार्टी के अन्य नेताओं को संबोधित करते हुए दिया। शरद पवार ने अपनी पार्टी के विधायकों और अन्य नेताओं से राज्य में मध्यावधि चुनाव की संभावना को ध्यान में रखते हुए जनसंपर्क बढ़ाने के लिए कहा। बैठक में शामिल एनसीपी के एक नेता ने कहा, 'महाराष्ट्र में नवगठित सरकार अगले छह महीनों में गिर सकती है।महाराष्ट्र में नवगठित सरकार अगले छह महीनों में गिर सकती है, इसलिए सभी को मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए।’ 

एनसीपी नेता के मुताबिक, ‘शरद पवार ने बैठक में कहा कि शिंदे का समर्थन कर रहे कई बागी विधायक मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं हैं। एक बार मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो जाने के बाद उनकी अशांति सामने आएगी, जिसके परिणामस्वरूप अंततः सरकार गिर जाएगी। इसलिए सभी को मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। 

एनसीपी नेता के मुताबिक, ‘शरद पवार ने बैठक में कहा कि शिंदे का समर्थन कर रहे कई बागी विधायक मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं हैं। एक बार मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो जाने के बाद उनकी अशांति सामने आएगी, जिसके परिणामस्वरूप अंततः सरकार गिर जाएगी।'

पवार ने यह भी कहा कि इस प्रयोग (शिंदे गुट-भाजपा सरकार) की विफलता के कारण कई बागी विधायक अपनी मूल पार्टी (उद्धव ठाकरे की शिवसेना) में लौट आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर हमारे हाथ में केवल 6 महीने हैं, तो राकांपा विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधिक समय बिताना चाहि। शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन वाली महा विकास अघाड़ी सरकार के पतन के बाद एकनाथ शिंदे ने गत 30 जून को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जबकि भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र फडणवीस ने उनके डिप्टी के रूप में शपथ ली।