मुझे IB के अधिकारियों ने बताया कि मेरा फोन टैप किया गया,पेगासस मामले में राहुल गांधी का बड़ा खुलासा

राहुल गांधी ने कहा कि उनके साथ ऐसा तीन चार बार हो चुका है, राहुल ने कहा कि उनके सुरक्षा कर्मियों तक को ये कहा गया था कि वे उनकी(राहुल की) सारी बातें बताएं, राहुल गांधी ने इसे जनता की आवाज पर आक्रमण बताया है

Updated: Jul 23, 2021, 01:13 PM IST

मुझे IB के अधिकारियों ने बताया कि मेरा फोन टैप किया गया,पेगासस मामले में राहुल गांधी का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। पेगासस मामले में राहुल गांधी ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा किया है। राहुल गांधी ने कहा है कि उन्हें खुद इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने फोन कर बताया है कि उनका फोन टैप किया गया । इतना ही नहीं राहुल ने ये भी कहा है कि आईबी के अधिकारियों ने उनके दोस्तों से भी संपर्क किया। और उन्हें (राहुल) यह बात बताने के लिए कहा कि उनका फोन टैप किया जा रहा है। 

राहुल ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए इस बात का खुलासा किया। राहुल ने कहा कि मेरे सभी फोन को टैप किया गया है। आईबी के अधिकारियों ने खुद मुझे कॉल कर के बताया था कि मेरा फोन टैप किया गया है। उन्होंने मेरे दोस्तों को भी फोन कर के मुझ तक यह जानकारी पहुंचाने के लिए कहा था। राहुल ने कहा कि तीन से चार मर्तबा उनके साथ यह वाकया हो चुका है। लेकिन वे इन सब चीजों से डरते नहीं हैं।

वहीं एनडीटीवी ने अपनी रिपोर्ट में राहुल के हवाले से कहा है कि उनके सुरक्षा कर्मियों को हर उस बात की जानकारी देने के लिए कहा गया था जो उन्होंने कही है। राहुल ने कहा कि मेरे सुरक्षा कर्मियों ने मुझे बताया कि उन्हें वह सब बताना है जो बातें मैंने कही है। 

राहुल ने इन सभी बातों का खुलासा करते हुए कहा कि यह सिर्फ मेरी निजता का सवाल नहीं है। बल्कि यह सीधे तौर पर जनता की आवाज पर आक्रमण है। राहुल ने केंद्र सरकार पर सीधा आक्रमण करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा दे देना चाहिए। 

राहुल ने जासूसी कांड के पीछे की मंशा के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पेगासस का इस्तेमाल हिंदुस्तान के लोकतंत्र की आवाज़ को कुचलने के लिए किया। राहुल ने कहा कि इजराइली सरकार पेगासस को आतंकवाद और अपराध के खिलाफ एक हथियार मानती है और इसी हिसाब से इसका उपयोग करती है। लेकिन भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने इसका उपयोग राजनीतिक हथियार के रूप में किया। राफेल की जांच को रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया।

राहुल ने गृह मंत्री का इस्तीफा मांगने के साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी के ऊपर न्यायिक जांच किए जाने की भी मांग की। राहुल ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक बार के लिए मान भी लेते हैं कि मोदी सरकार ने जासूसी नहीं करवाई तो कम से कम प्रधानमंत्री इतना ही बता दें कि कौन से देश की सरकार ने जासूसी करवाई है। और उसके खिलाफ जांच कराएं। वहीं कांग्रेस ने शुक्रवार को संसद परिसर में इस जासूसी कांड की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया। 

पेगासस जासूसी कांड में एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। सीबीआई के पूर्व निदेशकों आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के भी फोन टैप किए जाने का खुलासा हुआ है। इसके साथ ही उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम भी जासूसी का शिकार हुए लोगों में आया है। पेगासस कांड ने अब तक मोदी सरकार के मंत्रियों की भी जासूसी का दावा किया जा चुका है। 

अब राहुल गांधी ने खुद इस बात का खुलासा है कि उन्हें खुद इंटेलिजेंस के अधिकारी फोन कर के उनकी जासूसी की जाने की बात कह चुके हैं। जिसके बाद इस पूरे जासूसी कांड में एक नया मोड़ आ गया है। हालांकि अब तक भारत सरकार ने पेगासस जासूसी कांड में अपनी भूमिका को स्वीकार नहीं किया है। 

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इससे पहले द वायर ने अपनी रिपोर्ट में जब राहुल गांधी की जासूसी किए जाने की बात कही थी तब वायर ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राहुल गांधी के साथ साथ उनके पांच दोस्तों के फोन की टैपिंग की गई। यह जासूसी लोकसभा चुनावों से ठीक एक साल पहले से शुरू की गई। द वायर ने राहुल के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया था कि राहुल को कई बार व्हाट्सएप पर संदिग्ध संदेश प्राप्त होते थे। इसके बाद उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से अपना फोन नम्बर बदलना शुरू कर दिया था।