प्रधानमंत्री जी, रेलवे देश की संपत्ति है, इसे बेचो मत: रेलवे के निजीकरण के खिलाफ राहुल गांधी ने खोला मोर्चा

राहुल गांधी ने रेलवे की उपयोगिता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह 12 लाख लोगों को रोज़गार, 2.5 करोड़ देशवासियों की रोज़ सेवा देती है।

Updated: Nov 12, 2022, 05:26 PM IST

प्रधानमंत्री जी, रेलवे देश की संपत्ति है, इसे बेचो मत: रेलवे के निजीकरण के खिलाफ राहुल गांधी ने खोला मोर्चा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी नफरत के खिलाफ भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हुए हैं। यात्रा के दौरान वे लगातार लोगों से मिल रहे हैं और उनके मुद्दों को उठा रहे हैं। इसी क्रम में राहुल गांधी ने शनिवार को रेलवे के निजीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि रेलवे देश की संपत्ति है, इसे मत बेचो।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, '12 लाख लोगों को रोज़गार, 2.5 करोड़ देशवासियों की रोज़ सेवा - देश को जोड़ती है भारतीय रेल। प्रधानमंत्री जी, रेलवे देश की सम्पत्ति है, इसे निजीकरण नहीं, सशक्तिकरण की ज़रूरत है। बेचो मत।'

इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें वो भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कुछ लोगों से रेलवे के निजीकरण को लेकर बातचीत कर रहे हैं। दरअसल, यात्रा के दौरान तेलंगाना में राहुल गांधी ने साउथ सेंट्रल रेलवे एम्प्लॉय संघ (SCRE) के लोगों से मिले थे। यहां SCRE के पदाधिकारियों के उन्हें एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें रेलवे के निजीकरण रोकने, नई पेंशन स्कीम हो हटाने और रेलवे भर्तियां निकालने की मांग की गई थी।

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राहुल से बातचीत के दौरान रेलवे कर्मचारियों के कहा कि 170 साल के इतिहास में कभी नहीं सुना की रेलवे का निजीकरण किया जाएगा। आज वे रेलवे को बेच रहे हैं। राहुल पूछते हैं कि वे कौन सा पार्ट बेच रहे हैं। तो जवाब मिलता है कि, 'रेलवे स्टेशन से लेकर रेलवे का अस्पताल यहां तक की रेलगाड़ी को भी बेच रहे हैं। 151 ट्रेनों को बेच चुके हैं। मोदी सरकार धड़ाधड़ रेलवे की संपत्ति अडानी को बेच रही है।'