किसानों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव कर रही सरकार, केंद्र पर भड़के संजय राउत

शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा, अन्नदाताओं का अपमान कर रही है सरकार, उन्हें खालिस्तानी कहा जाना भी बेहद आपत्तिजनक है

Updated: Nov 30, 2020, 03:29 PM IST

किसानों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव कर रही सरकार, केंद्र पर भड़के संजय राउत
Photo Courtesy: Indian Express

मुंबई। शिवसेना के सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के साथ बीजेपी की सरकारों के बर्ताव पर सख्त़ नाराज़गी जाहिर की है। उन्होंने मोदी और खट्टर की सरकारों पर किसानों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। संजय राउत का कहना है कि सरकार अन्नदाताओं का अपमान कर रही है।

संजय राउत ने कहा, ‘जिस तरह से किसानों को दिल्ली में आने से रोका गया है, ऐसा लगता है कि वे देश के नहीं, बल्कि बाहर के किसान हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ आतंकवादियों जैसा बर्ताव किया जा रहा है। इस तरह का बर्ताव करना देश के किसानों का अपमान करना है।’ उन्होंने आगे कहा कि चूंकि किसान सिख हैं और पंजाब और हरियाणा से विरोध प्रदर्शन करने दिल्ली आए हैं, इसलिए उन्हें खालिस्तानी कहा जा रहा है। जो बिल्कुल सही नहीं है। आपको बता दें कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि किसान आंदोलन में खालिस्तानी तत्वों के शामिल होने की जानकारी मिली है।

इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी किसानों का समर्थन करते हुए मोदी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जैसा बीजेपी की सरकार में किसानों के साथ हो रहा है, ऐसा किसी सरकार में नहीं हुआ। किसानों पर इस तरह का हमला किसी सरकार ने नहीं किया होगा, जैसा बीजेपी की सरकार में हो रहा है। अखिलेश यादव ने आगे कहा कि बीजेपी ने किसानों से कहा था कि वे सत्‍ता में आने पर उनके सिर्फ कर्ज माफ करेंगे और पैदावार की कीमत देंगे। इसी के साथ आय दोगुनी करने का भी वादा बीजेपी ने किया था, लेकिन जबसे बीजेपी सरकार आई है, तब से सबसे ज्‍यादा गरीब और किसान बर्बाद हुए हैं।

बीएसपी प्रमुख मायावती ने भी किसानों का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार से कृषि कानूनों पर विचार करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि केन्द्र सरकार द्वारा कृषि से सम्बन्धित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित और आंदोलित भी हैं। इसके मद्देनजर, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केन्द्र सरकार अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर है।

बता दें कि हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के सिंधू और टिकरी बॉर्डर पर अब भी जमे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे। इसी के साथ रविवार को किसानों ने दिल्ली के पांच प्रमुख एंट्री प्वाइंट को बंद करने का भी ऐलान किया है।