लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा को पटाओ, हिंदू देवियों को लेकर पूर्व भाजपा अध्यक्ष का शर्मनाक बयान

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर उत्तराखंड बीजेपी के वरिष्ठ नेता बंशीधर भगत लांघी मर्यादा, युवकों से बोले- जब विद्या मांगने की बारी आती है तो सरस्वती को पटाओ, शक्ति मांगनी हो तो दुर्गा को पटाओ, धन के लिए लक्ष्मी को पटाओ।

Updated: Oct 12, 2022, 05:18 PM IST

लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा को पटाओ, हिंदू देवियों को लेकर पूर्व भाजपा अध्यक्ष का शर्मनाक बयान

देहरादून। उत्तराखंड बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने हिंदू देवियों को लेकर बेहद शर्मनाक भाषा का प्रयोग किया। बीजेपी विधायक ने अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस समारोह के दौरान युवकों से कहा कि वे लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा को "पटाना" चाहिए। इस दौरान वहां मौजूद बच्चियां और महिलाएं हक्का बक्का रह गईं लेकिन बीजेपी नेता बेहद बेशर्मी के साथ हंसते रहे।

उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके कालाढूंगी विधानसभा से बीजेपी के वर्तमान विधायक बंशीधर भगत अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर हल्द्वानी में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य भी मंच पर मौजूद थीं। यह कार्यक्रम बेटियों को शिक्षा देने, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। लेकिन भगत और उनके सहयोगियों ने बेटियों पर जमकर कीचड़ उछाला।

बंशीधर भगत ने कहा कि, 'बालिकाओं का तो हमेशा सम्मान होता है। लेकिन बालकों को भी सम्मान भी मिलना चाहिए। भगवान ने भी बालिकाओं का ही पक्ष लिया है। जब विद्या मांगने की बारी आती है तो सरस्वती को पटाओ, शक्ति मांगनी हो तो दुर्गा को पटाओ, धन के लिए लक्ष्मी को पटाओ। आदमी के के पास है क्या? एक शिवजी हैं वो पहाड़ में पड़े हुए हैं। ऊपर सिर पर सांप रखा हुआ है। उस पर गंगाजी लेकर घूम रहे हैं। एक विष्णु हैं वो भी समुद्र की गहराई में छिपे हुए हैं। दोनों की आपस में बात भी नहीं होती। महिला सशक्तिकरण तो भगवान ने ही पूर्व में कर दिया।"

बंशीधर भगत की बातें सुनकर लोग वहां मौजूद महिलाएं असहज हो गईं और हैरानी भी जताई। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और लड़कियों ने आपस में विरोध दर्ज कराने की भी कोशिशें की। लेकिन इससे भी शर्मनाक बात ये है कि बंसीधर जब ये सब बोल रहे थे, उस समय मंच पर बैठे कई गणमान्य ठहाके मार रहे थे।