डिप्टी सीएम पद छिन जाने के बाद सुशील मोदी ने यूं जाहिर की पार्टी से नाराज़गी

बिहार के सातवीं बार मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार, लगातार चौथी बार लिया शपथग्रहण, सुशील मोदी को नहीं मिली जगह, लोगों ने किया ट्रॉल

Updated: Nov 16, 2020, 07:22 PM IST

डिप्टी सीएम पद छिन जाने के बाद सुशील मोदी ने यूं जाहिर की पार्टी से नाराज़गी
Photo Courtesy: The Indian Express

पटना। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्‍व वाली एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को राजभवन में आयोजित हुआ। जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। नीतीश ने लगातार चौथी बार राज्‍य के सीएम पद की शपथ ली है। राज्‍यपाल फागु चौहान ने उन्‍हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसी बीच सुशील मोदी की नाराजगी बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

दरअसल, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की जगह अब बीजेपी ने तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी को बिहार का डिप्टी सीएम बनाया है। इसी बात को लेकर अब दावा किया जा रहा है कि डिप्टी सीएम का पद छिन जाने से सुशील मोदी बेहद नाराज़ हैं। इन दावों को तब और हवा मिल गई जब सुशील मोदी पटना स्थित बीजेपी मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने नहीं पहुंचे। चर्चा है कि इस कदम के जरिए उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की है। हालांकि, वह अमित शाह की अगवानी करने के लिए एयरपोर्ट तक गए थे।

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दिलचस्प बात यह है कि पटना में जब राजभवन में शपथग्रहण समारोह चल रहा था और तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी डिप्टी सीएम पद की शपथ ले रहीं थी ठीक उसी समय सुशील मोदी ने अपनी दो तस्वीरें ट्वीट कर बताया कि वे गर्दनीबाग में पूजा कर रहे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह ट्वीट तेजी से वायरल होने लगा और लोग उन्हें ट्रॉल करने लगे। एक ट्वीटर यूजर ने लिखा कि, 'सुशील मोदी 19 लाख नौकरी दे रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह खुद बेरोजगार हो जाएंगे। वहीं एक अन्य यूज़र ने लिखा कि 'बिहार में पहली कोरोना वैक्सीन सुशील मोदी को मिली।' बता दें कि शपथग्रहण समारोह में सुशील मोदी भी मौजूद थे लेकिन उन्हें पहली कतार में बैठने की जगह तक नहीं दी गई।

 

 

सुशील मोदी के चहेतों का भी पत्ता साफ

इतना ही नहीं नीतीश कुमार की कैबिनेट में सुशील कुमार मोदी के चहेते विधायकों को भी जगह नहीं दी गई है। इनमें वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव और प्रेम कुमार शामिल हैं। प्रेम कुमार गया विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार चुनाव जीते हैं, जबकि नंद किशोर यादव ने पटना सिटी से सातवीं बार जीत दर्ज की है। दोनों नेता पिछली सरकारों में मंत्री भी रहे हैं। ऐसे में अब कहा जा रहा है कि वरिष्ठता को देखते हुए यह साफ है कि यदि इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है तो कैबिनेट विस्तार में भी इनका नंबर नहीं आएगा।

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सुशील मोदी को मिस करेंगे नीतीश

शपथग्रहण के बाद नीतीश कुमार ने सुशील मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। नीतीश ने कहा है कि वह सुशील मोदी को मिस करेंगे। शपथग्रहण समारोह के बाद जब पत्रकारों ने सीएम नीतीश कुमार से पूछा कि क्या वह सुशील मोदी को मिस करेंगे तो उन्होंने कहा कि 'यस'। बता दें कि नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी की जोड़ी की बिहार की राजनीति में जय-वीरू से तुलना की जाती रही है। सुशील मोदी ने शनिवार को ही ट्वीट कर यह जता दिया था कि वह डिप्टी सीएम नहीं बनने जा रहे। उन्होंने लिखा था कि मुझसे कार्यकर्ता का पद कोई नहीं छीन सकता। इसके बाद वह रविवार को भी सरकार गठन की प्रक्रिया से नदारद दिखे।

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इन मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ

सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी सहित नीतीश कैबिनेट में आज कुल 15 नेताओं ने पद और गोपनीयता की शपथ ली है। इनमें जेडीयू कोटे से पांच मंत्री बने हैं, जबकि बीजेपी के भी पांच मंत्री बने हैं। इनके अलावा हम से जीतन मांझी के बेटे संतोष मांझी और वीआईपी चीफ मुकेश साहनी को भी मंत्री पद दिया गया है। बीजेपी के कोटे से मंगल पांडेय, अमरेन्द्र प्रताप सिंह, रामप्रीत पासवान, जीवेश मिश्रा एवं रामसूरत राय को मंत्री बनाया गया है, वहीं जेडीयू विधायकों में विजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, मेवालाल चौधरी एवं शीला मंडल मंत्री बने हैं।