केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की वायरल क्लिप पर विवाद, AAP ने लगाया किसानों को धमकाने का आरोप

वायरल क्लिप में पीयूष गोयल किसान नेता राकेश टिकैत से कहते नज़र आ रहे हैं कि 40 संगठनों की सूची है हमारे पास, मुंह मत खुलवाओ, हम इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर सकते

Updated: Jan 02, 2021, 12:45 AM IST

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की वायरल क्लिप पर विवाद, AAP ने लगाया किसानों को धमकाने का आरोप
Photo Courtesy : News 18

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन के बीच एक वायरल वीडियो की वजह से नया विवाद खड़ा हो गया है। यह वायरल वीडियो कथित रूप से किसानों और सरकार की वार्ता के दौरान हो रही एक अनौपचारिक बातचीत का है। सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किए जा रहे इस वायरल वीडियो में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल किसान नेता राकेश टिकैत से कहते नज़र आ रहे हैं कि मेरा मुंह मत खुलवाओ। आम आदमी पार्टी ने इस वायरल वीडियो के मद्देनज़र केंद्रीय मंत्री पर किसानों को धमकी देने का आरोप लगाया है।  

वायरल वीडियो में पीयूष गोयल के साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी दिख रहे हैं। दोनों केंद्रीय मंत्री किसान नेता राकेश टिकैत समेत कुछ किसान नेताओं से खड़े-खड़े अनौपचारिक ढंग से बातचीत करके नज़र आ रहे हैं। क्लिप में पहले नरेंद्र सिंह तोमर और टिकैत के बीच कुछ बातें हो रही हैं। इसी बीच पीयूष गोयल बातचीत में दखल देते हैं। वे ऐसा कहते हुए सुनाई देते हैं, ' वैसे तो फिर आप लोग के भी चालीस संगठन की सूची और सब है हमारे पास..ज्यादा मुंह मत खुलवाओ।' वायरल वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो 30 दिसंबर का है जब सरकार और किसानों के बीच छठे दौर की बातचीत हुई थी। लेकिन हम समवेत इस दावे या वीडियो में कही जा रही बातों के सही होने की पुष्टि नहीं कर सकता। 

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिससे विपक्ष को भी पीयूष गोयल पर निशाना साधने का मौका मिल गया है। आम आदमी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से इस वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कहा है, 'सत्ता का अहंकार देखिए, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल किसान नेताओं को खुलेआम धमका रहे है। भाजपा सरकार याद रखे कि आज वो किसानों की वजह से ही सत्ता में है। अगर किसान सत्ता दे सकते है, तो छीन भी सकते हैं।'

 

 

यह भी पढ़ें: नूर को अपने ही देश में क्यों सहनी पड़ी विदेशी होने की ज़िल्लत और डिटेंशन सेंटर की क़ैद

बता दें कि राजधानी दिल्ली के बॉर्डर्स पर देशभर के किसान पिछले 36 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने इस हाड़ कंपाने वाली ठंड में भी अपना नया साल सड़कों पर बिताया है। आज जब दिल्ली का तापमान 1.1 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, ऐसे में बुजुर्ग किसानों के लिए सड़क पर रात गुज़ारना कितना मुश्किल होगा इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। लेकिन तमाम मुश्किलों के बावजूद तमाम किसान लगातार डटे हुए हैं। जबकि इस दौरान करीब चार दर्ज किसानों की मौत भी हो चुकी है।