ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में 12 जिलों में नामांकन दाखिल नहीं कर पाए सपा के प्रत्याशी, समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर लगाया तानशाही और गुंडागर्दी का आरोप

शनिवार को समाजवादी पार्टी राजीव राय ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने पुलिस प्रशासन और अपने गुंडों के बल पर समाजवदी पार्टी के प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने नहीं दिया गया, सपा नेता ने चुनाव आयोग से इन जिलों के एसपी और डीएम पर कार्रवाई करने की मांग की है

Publish: Jun 27, 2021, 11:12 AM IST

ज़िला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में 12 जिलों में नामांकन दाखिल नहीं कर पाए सपा के प्रत्याशी, समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर लगाया तानशाही और गुंडागर्दी का आरोप
Photo Courtesy: Jansatta

लखनऊ। उतर प्रदेश में जिला पंचायत के अध्यक्ष चुनावों को लेकर राज्य के सत्ताधारी दल बीजेपी और विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के बीच ठन गई है। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार ने प्रशासन और अपने गुंडों के बल पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने नहीं दिया गया। समाजवादी पार्टी ने जिलों के एसपी और डीएम पर कार्रवाई करने की मांग की है। 

यह भी पढ़ें : शादी के चौथे दिन पत्नी को हुआ कोरोना, विधायक पति ने घर से निकाला, BJP MLA पर गंभीर आरोप

पंचायत चुनाव में हार से तिलमिला गई भाजपा 

समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय के शनिवार शाम को अपना एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि पंचायत चुनाव में अपनी हार से तिलमिलाई भाजपा ने कुल 12 ज़िलों में उसके प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने नहीं दिया। राजीव राय ने कहा कि योगी सरकार ने पुलिस प्रशासन और गुंडों के दम पर लोकतंत्र का चीरहरण करने का काम किया है। 

राजीव राय ने कहा कि तमाम समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों और मतदाताओं को पुलिस ने रोका। राजीव राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की अवहेलना करने का खमियाजा योगी सरकार को भुगतना पड़ेगा। राजीव राय ने कहा कि चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की शिकायत कर दी गई है। राजीव राय ने कहा कि गुंडों के दम पर सत्ता हड़पने के योगी सरकार के इस तरीका का जनता आने वाले समय में करारा जवाब देगी। 

यह भी पढ़ें : 113 लाख कर्मचारियों का महंगाई भत्ता जारी करे सरकार, राहुल गांधी और कांग्रेस ने उठाई कर्मचारियों की आवाज़

दरअसल शनिवार को समाजवादी पार्टी ने बागपत, मुरादाबाद, मेरठ, मऊ, सहारनपुर, गाज़ियाबाद सहित राज्य के अन्य जिलों में उनके प्रत्याशियों और प्रस्तावकों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के आरोप लगाया। वहीं बीजेपी ने इस पूरे मसले पर यह कहते हुए बचाव किया कि समाजवादी पार्टी ने चुनावों में हार के डर की वजह से यह आरोप लगाए हैं।