रायपुर में सबसे ज्यादा दर्ज हुए आत्महत्या की कोशिशों के मामले, 3 साल के रिकॉर्ड से खुलासा

112 आपतकालीन सेवा के तीन साल के रिकॉर्डस में हुआ खुलासा, औसतन हर तीसरे दिन दर्ज हुई आत्महत्या की शिकायतें, रायपुर में तीन साल में सबसे ज्याद खुदकुशी के मामले आए सामने

Publish: Jun 22, 2021, 12:31 PM IST

रायपुर में सबसे ज्यादा दर्ज हुए आत्महत्या की कोशिशों के मामले, 3 साल के रिकॉर्ड से खुलासा
Photo Courtesy: patrika

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। लेकिन प्रदेश में सबसे ज्यादा 2933 सुसाइडल केस रायपुर में मिले हैं। रायपुर में आत्महत्या और आत्महत्या की कोशिश से जुड़े सबसे ज्यादा मामले रिकॉर्ड हुए हैं। इनकी शिकायतें 112 क्विक रिस्पांस टीम को मिली थीं।

छत्तीसगढ़ में क्विक रिस्पांस के लिए चलाई जा रही आपातकालीन 112 सेवा के तीन साल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। तीन साल में डायल 112 को जो आकंडे मिले हैं उनके हिसाब से रायपुर में खुदकुशी करने की कोशिश के 2933 मामले रजिस्टर्ड हैं। जिनमें से 729 मामलों की शिकायत मिलने पर क्विक रिस्पांस वैन मौके पर पहुंच तो गई लेकिन पीड़ित की जान बचाने में असफल रही।   

छत्तीसगढ़ में आपातकाल की स्थिति में लोगों की मदद के लिए डायल 112 के जवान तैनात हैं। इनमें सबसे ज्यादा आत्महत्या की कोशिशों से जुड़ी शिकायतें आती हैं। आमतौर पर दो से तीन दिन में ही खुदकुशी या खुदकुशी का प्रयास करने के केस सामने आते रहते हैं। 112 की क्विक रिस्पांस टीम मामले की शिकायत मिलते ही मौका-ए-वारदात के लिए दौड़ पड़ती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीन साल के आंकड़ों में आत्महत्या के 12908 केसों में पुलिस ने रेस्क्यू किया और पीड़ितों की जान की रक्षा की है। इनमें से बड़ी संख्या में मोबाइल टावर पर लोगों के चढ़ने और नदी में छलांग लगाने या पुल से कूदने की शिकायतें रही हैं। 112 सेवा में लगे पुलिस जवानों ने पीड़ितों की जान बचाई है।

वहीं डायल 112 की इमरजेंसी सेवा के दौरान आपराधिक मामलों के रिकॉर्ड में चौंकाने वाले हैं। यहां मिली शिकायतों में आत्महत्या और आत्महत्या की कोशिश करने के मामले भी बढ़ें हैं। क्विक रिस्पांस सर्विस से जुड़े छत्तीसगढ़ के आंकड़ों के अनुसार पुल-नदी और मोबाइल टावरों में चढ़ने के 16,187 केस मिले हैं। पुलिस ने इन मामलों में से 164 मामले ऐसे केसों का खुलासा किया है, जिसमें खुदकुशी के लिए उकसाने में किसी और का हाथ रहा है। जिसके बाद 112 द्वारा संबंधित थानों में मामलों को भेजा गया है।