छत्तीसगढ़ में पुजारियों ने मंदिर खोलने की मांग की

बाजार और शराब दुकानें खुलने से पुजारियों में नाराजगी, मंदिर खोलने की मांग, बोले शराब दुकान खुल सकती हैं तो मंदिरों क्यों नहीं खोला जा सकता

Updated: May 29, 2021, 09:53 AM IST

छत्तीसगढ़ में पुजारियों ने मंदिर खोलने की मांग की
Photo courtesy: Travel Triangle

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अनलॉक की प्रक्रिया शुरु हो गई है। बाजार और अन्य संस्थानों समेत शराब दुकाने खुलने के साथ ही मंदिरों को भी खोले जाने की मांग की जाने लगी है। अनलॉक की इस प्रक्रिया में बाजार, मॉल, शराब दुकानों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। लेकिन महीनों से बंद मंदिरों के लिए कोई गाइडलाइन नहीं जारी की गई है। रायपुर के मंदिरों के पुजारियों ने मंदिर खोलने की मांग की है, उनका कहना है कि शराब दुकानों से कम लोग ही मंदिरों में दर्शन के लिए आते हैं।

ऐसे में कोरोना संक्रमण का खतरा कम होता है। रायपुर मंदिर के प्रबंध समितियों और पुजारियों की मानें तो शराब दुकानों में उमड़ती लोगों की भीड़ कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ाती है। प्रदेश में हजारों पुजारी परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आन पड़ा है। रायपुर में ही करीब हजार से ज्यादा मंदिर हैं। गली मोहल्लों के छोटे मंदिरों के पुजारी परिवारों का जीवन मंदिरों पर ही आश्रित रहता है। वहीं मंदिरों से जुड़े सामान बेचने वालों की रोजी-रोटी भी मंदिरों से ही चलती है, फिर चाहे वो फूल-माला या पूजन सामग्री की दुकानें लगाने वालें हो या, मंदिरों के पास स्टॉल लगाकर प्रसाद और अन्य सामान बेचने वाले। वहीं रिक्शा और आटो वालों को भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं से लाभ मिलता है। पुजारियों ने मांग की है कि अनलॉक की प्रक्रिया में मंदिरों को भी खोलने की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए। मंदिरों की प्रबंध समितियों की ओर से कहा गया है कि धार्मिक स्थलों में उन्होंने कोरोना गाडइलाइन का पालन किया भी है और भक्तों से करवाया भी है।

पुजारियों की मांग है कि बाजारों और अन्य संस्थानों की ही तरह नियम बना दिए जाएं, उनका पालन वे पूरी तरह करेंगे। पुजारियों का कहा है कि पिछले डेढ़ साल में मंदिरों से जुड़े लोगों की आर्थिक हालत खराब हो गई है। मंदिरों में हर मंगलवार शनिवार, अमावस्या, पूर्णिमा के साथ-साथ नवरात्रि में भक्तों का आना जाना होता था, तीन नवरात्रियों समेत अन्य त्योहारों में भी मंदिरों में के नहीं खुलने से उनकी कमाई का जरिया समाप्त हो गया है। अब वे भी मंदिरों को खोलने की मांग कर रहे हैं।

पुजारियों का कहना है कि वैसे भी मंदिर पूरे दिन नहीं खुलते। सुबह शाम ही वहां पूजा आऱती के समय खोला जाता है। वहां शाम के समय आरती के बाद 8 बजे तक मंदिर बंद हो जाते हैं। जिस तरह बाजार शाम 6 बजे तक खुल रहे हैं वैसी ही अनुमति मंदिरों को भी खोलने के लिए दे दी जाए। वहीं बड़े मंदिरों के लिए मांग है कि श्रद्धालुओं को ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के आधार पर तय समय में मंदिर में आने की सुविधा मिल सके। ऐसा करने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा, मंदिरों में एक साथ भीड़ नहीं होगी, अपने टाइम स्लाट के हिसाब से लोग मंदिरों में पूजा अर्चना कर सकेंगे । वहीं पुजारियों का कहना है कि बिना मास्क पहने किसी को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

रायपुर के दफ्तर, निर्माण कार्यों, माल, शापिंग सेंटर्स को खोलने की परमीशन मिल चुकी है। बाजारों में भी लोगों की ऑनलाइन कोरोना टेस्ट किया जा रहा है, शुक्रवार को साढ़े 500 से ज्यादा लोगों का टेस्ट हुआ, वे एंटीजन टेस्ट नेगेटिव आए हैं। 

बीते 24 घंटों में छत्तीसगढ़ में कोरोना के 2840 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। वही 4961 लोगों ने कोरोना को मात दी है। जिन्हें अस्पतालों और होम आईसोलेशन से डिस्चार्ज किया गया है। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या 46932 है। शुक्रवार को 67 मरीजों ने कोविड संक्रमण की वजह से दम तोड़ा है।