अपने सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर पहुँचा रूपया, डॉलर के मुकाबले 81.93 का रेट

बुधवार को घरेलू करेंसी यानी रूपया अब तक के सबसे निम्नतम स्तर को छू गया, डॉलर के मुक़ाबले रूपये की क़ीमत में आयी यह सबसे बड़ी गिरावट है.. रूपये का गिरना बीते कुछ हफ़्तों से लगातार जारी है और अब 82 के रेट तक पहुँचने में सिर्फ़ सात पैसे की कसर रह गई है

Updated: Sep 28, 2022, 10:50 AM IST

अपने सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर पहुँचा रूपया, डॉलर के मुकाबले 81.93 का रेट

भारतीय रूपया आज कुछ और कमजोर हो गया। डॉलर के मुकाबले में लगातार जारी इसके अवमूल्यन में आज थोड़ी और गिरावट दर्ज की गई और बाजार खुलते ही इसका दाम 81.93 के रेट को छू गया। हालांकि मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रूपये में चौदह पैसे की सुधार दर्ज की गयी थी। सुबह 9.30 बजे घरेलू मुद्रा 81.86 पर कारोबार कर रहा था लेकिन शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने इसे झटका दिया और रूपया निमनतम स्तर तक पहुंच गया। जानकार बता रहे हैं कि स्थानीय शेयर बाजार से बीते एक हफ्ते में विदेशी निवेशकों ने दस हजार करोड़ से ज्यादा बिक्री कर बाजार से निकल गए।

भारतीय मुद्रा बीते कुछ दिनों से लगातार उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। उसी क्रम में सुबह लगभग साढ़े नौ बजे इसकी कीमत चालीस पैसे और गिरकर रिकॉर्ड 81.93 के रेट पर पहुंच गयी। हालांकि मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा में कमजोरी के चलते रूपये में कुछ सुधार, लगभग 37 पैसे को बढ़ोत्तरी देखने को मिली थी लेकिन बुधवार को बाजार खुलते ही इसमें गिरावट दर्ज की गयी।

डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपये बीते ेक हफ्ते से गिरावट दर्ज कर रहा था। 26 सितंबर को रूपया 81.55 के अपने निमन्तर स्तर को छू गया था। माना जा रहा है कि रूपये के गिरने का असर आयात और कच्चे तेल की कीमत पर पड़ेगा और भारत में मुद्रा स्फीति बढ़ जाएगी।

माना जा रहा है कि एफआईआई की भारी बिकवाली का बुरा असर शेयर बाजार और रूपये के अवमूल्यन दोनों पर पड़ रहा है। शेयर बाजार में भी बीते तीन दिनों से गिरावट जारी है। सेंसेक्स 56900 के आसपास पहुंच गया है। निफ्टी भी 16900 के करीब ट्रेंड कर रहा है। इस बीच सबकी नजरें आज से शुरू होनेवाले तीन दिवसीय आरबीआई की बैठक पर भी है। ताजा हालातों में मुद्रा स्फीति को काबू करने के लिए उसके अगले कदम का इंतजार है।