चीन की क्रूर पॉलिसी: कोरोना के शक में प्रेग्नेंट महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को मेटल बॉक्स में कैद किया

दुनिया के सामने आया चीन की अमानवीय चेहरा, कोरोना संक्रमितों को मरने के लिए मेटल बॉक्स में बंद कर रहा, घरों में कैद हैं दो करोड़ लोग, वीडियो वायरल

Updated: Jan 13, 2022, 04:39 PM IST

चीन की क्रूर पॉलिसी: कोरोना के शक में प्रेग्नेंट महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को मेटल बॉक्स में कैद किया

बीजिंग। चीन से निकला कोरोना वायरस पिछले दो वर्षों से पूरी दुनिया को तबाह कर रहा है। चीन ने वायरस को काबू में करने के लिए जीरो कोविड पॉलिसी अपनाया है। यह पॉलिसी बेहद क्रूर और अमानवीय है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोरोना के शक में चीन अपने नागरिकों को मेटल बॉक्स में कैद कर दे रहा है। लोहे के इन बक्सों में बच्चे, बुजुर्ग और यहां तक कि प्रेग्नेंट महिलाओं को भी मरने के लिए डाल दिया जा रहा है।

चीन के शांक्सी प्रांत के शियान शहर में इसका उदाहरण देखने को मिला है। यहां पर लोगों को क्वारैंटाइन सेंटर के नाम पर लोहे के बक्सों में बंद करके रखा जा रहा है। चीन से बाहर आई इस खबर ने पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर इन मेटल बॉक्स का वीडियो भी सामने आया है। संक्रमित या उसके संपर्क लोगों को इन्हीं बॉक्स में कैद करके रखा जा रहा है। 

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बॉक्स के अंदर सिर्फ एक टॉयलेट और लकड़ी का बेड बनाया गया गया है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रताड़ना गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को भी झेलना पड़ रही है। लोगों को बक्से की भीतर पूरे 14 दिन रहना होता है। बहुत से इलाकों में नागरिकों को आधी रात में उनके घर से निकालकर इन मेटल बॉक्स में डाल दिया जाता है। 

यह भी बताया जा रहा है कि अचानक मेटल बॉक्स में डाल देने के कारण स्वस्थ लोगों की भी मौत हो जा रही है। दिल के मरीजों पर इस बॉक्स का गहरा असर पड़ रहा है और कोरोना संक्रमित नहीं होने के बाद भी उनकी जानें चली जा रही है। कोरोना नियंत्रण के लिए चीन की सरकार इतनी ज्यादा सख्ती बरत रही है कि अनयांग शहर में 2 ओमिक्रॉन संक्रमित मिलने के बाद ही लॉकडाउन लगा दिया गया। इस शहर की आबादी 55 लाख है। 

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इसी तरह 1.30 करोड़ आबादी वाले शीआन शहर और 11 लाख की आबादी वाले युझोउ शहर में लॉकडाउन लगाया जा चुका है। कुल 2 करोड़ लोग घरों में कैद हैं। उन्हें खाना लाने के लिए भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। हाल ही में एक प्रेगनेंसी महिला का घर में गर्भपात हो गया लेकिन उसे अस्पताल तक भी नहीं जाने दिया गया।