कॉमप्रोमाइज्ड पीएम ने अडाणी की रिहाई का सौदा किया, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी न्याय विभाग अडाणी समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने पर विचार कर रहा है।

Updated: May 15, 2026, 02:20 PM IST

अमेरिका में अडाणी समूह पर लगे भ्रष्टाचार आरोपों के कमजोर पड़ने की खबर के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी और जयराम रमेश ने ट्रेड डील और विदेश नीति को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि कॉमप्रोमाइज्ड पीएम ने व्यापार समझौता नहीं बल्कि अदानी की रिहाई का सौदा किया। 

दरअसल, न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी न्याय विभाग अडाणी समूह के खिलाफ लगाए गए आरोपों को वापस लेने पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि गौतम अदानी ने नई कानूनी टीम नियुक्त की है, जिसका नेतृत्व रॉबर्ट जे गिफ्रा जूनियर कर रहे हैं। गिफ्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकीलों में भी शामिल बताए जाते हैं। 

रिपोर्ट में दावा किया गया कि कानूनी टीम ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात कर कहा कि अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त सबूत और अधिकार क्षेत्र नहीं है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया कि यदि मामला हटाया जाता है तो अडाणी समूह अमेरिका में 10 अरब डॉलर तक का निवेश कर सकता है, जिससे हजारों नौकरियां पैदा होंगी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि निवेश प्रस्ताव का केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

गौतम अडाणी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में नया मोड़ आने के बाद भारत की राजनीति फिर गरमा गई है। विपक्ष का कहना है कि अमेरिकी एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर थे और अब यदि मामला कमजोर किया जा रहा है तो उसके पीछे राजनीतिक और आर्थिक दबाव हो सकता है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार को घेरते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पूरी तरह एकतरफा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने राष्ट्रीय हितों की बजाय अमेरिकी दबाव में फैसले लिए। रमेश ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोकना और अडाणी मामले में नरमी दिखना कई सवाल खड़े करता है।