गीतांजलि श्री ने अपने हिंदी उपन्यास रेत समाधि के लिए जीता प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार

अप्रैल माह में बुकर प्राइज के लिए शॉर्टलिस्ट किये जाने के बाद ये उपन्यास और इसकी लेखिका खूब चर्चा में रहीं, किसी भारतीय भाषा का यह पहला उपन्यास है जिसे ये प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है 

Updated: May 27, 2022, 09:49 AM IST

गीतांजलि श्री ने अपने हिंदी उपन्यास रेत समाधि के लिए जीता प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार
courtesy: NDTV

नई दिल्ली। 
गीतांजलि श्री के हिंदी उपन्यास रेत समाधि को प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार मिला है। किसी भारतीय भाषा का यह पहला उपन्यास है जिसे यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है। हिंदी में लिखे गए इस उपन्यास का अंग्रेजी में अनुवाद टॉम्ब ऑफ सैंड नाम से डेज़ी रॉकवेल ने किया है। गुरुवार को लंदन में एक समारोह में गीतांजलि श्री को रेत समाधि के लिए 50 हजार ब्रिटिश पाउंड का पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार उन्होंने इस उपन्यास की अंग्रेजी अनुवादक डेज़ी रॉकवेल के साथ साझा किया। 

पुरस्कार समारोह में रेत समाधि की लेखिका ने कहा कि वह  बोल्ट फ्रॉम द ब्लू से अभिभूत थी। हालाँकि उन्होंने बुकर प्राइज जीतने का कभी सपना नहीं देखा था। ये पुरस्कार जीतकर वह चकित, खुश, सम्मानित और विनम्र महसूस कर रही हैं। रेत समाधि के लिए बुकर प्राइज़ जीतने से उन्हें एक अलग तरह की संतुष्टि मिली है।उन्होंने कहा कि रेत समाधि उस दुनिया के लिए एक शोक गीत है, जिसमे हम रहते हैं। बुकर पुरस्कार निश्चित रूप से इसे कई और लोगों तक ले जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि हिंदी और अन्य दक्षिण एशियाई भाषाओँ की एक समृद्ध साहित्यिक परम्परा है। इन भाषाओं के कुछ बेहतरीन लेखकों को जानने से विश्व साहित्य अधिक समृद्ध होगा।अमेरिका में वारमोंट की रहने वाली चित्रकार, लेखिका और अनुवादक डेज़ी रॉकवेल ने इस दौरान उनके साथ मंच साझा किया। 
बता दें कि रेत समाधि गीतांजलि श्री का पांचवां उंपन्यास है। उनका पहला उपन्यास माई है। बुकर पुरस्कार की रेस में रेत समाधि के अलावा 13 अन्य कृतियां शामिल थीं। दरअसल रेत समाधि उपन्यास और इसकी लेखिका गीतांजलि श्री चर्चा में तब आई जब इस वर्ष अप्रैल माह में इस उपन्यास को प्रतिष्ठित बुकर प्राइज के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। बता दें कि बुकर प्राइज अंग्रेजी में ट्रांसलेट और इंग्लैंड या आयरलैंड में प्रकाशित किसी एक पुस्तक को हर साल दिया जाता है। इस साल यह पुरस्कार हिंदी भाषा के उपन्यास रेत समाधि की लेखिका गीतांजलि श्री को मिला है।