Shivraj Cabinet : शपथ के 101 दिन बाद होगा मंत्रिमंडल विस्तार

CM शिवराज सिंह चौहान ने कहा मंथन से अमृत निकलता है विष शिव पी जाते हैं, Kamalnath ने कहा Cabinet गठन में देरी के कारण व परिणाम भविष्‍य बताएगा

Updated: Jul-02, 2020, 01:12 AM IST

Shivraj Cabinet : शपथ के 101 दिन बाद होगा मंत्रिमंडल विस्तार

मध्य प्रदेश में मुख्‍यमंत्री शिवराज कैबिनेट विस्‍तार 2 जुलाई को सुबह 11 बजे होने जा रहा है। 'किल कोरोना' अभियान का शुभारंभ करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्‍यमंत्री चौहान ने कहा कि आज राज्‍यपाल की शपथ होगी और कल मंत्रिमंडल विस्‍तार होगा। मंत्रियों के नामों पर विवाद के बारे में पूछने पर शिवराज ने कहा कि मंथन से अमृत निकलता है। विष तो शिव पी जाते हैं। संकेत मिले हैं कि दो दर्जन मंत्री शपथ लेंगे और वर्तमान गृहमंत्री नरोत्‍तम मिश्रा और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया खेमे के मंत्री तुलसी सिलावट को उपमुख्‍यमंत्री बनाया जाएगा।

प्रदेश प्रभारी सहस्त्रबुद्धे ने कहा- कोई असंतुष्‍ट नहीं 

दिल्‍ली में नेताओं द्वारा मंत्रिमंडल गठन की स्‍वीकृति मिलने के बाद प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे दोपहर में भोपाल पहुंचे। वे यहां शाम को नेताओं से चर्चा करेंगे। प्रदेश कार्यालय में मीडिया से सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि कोई असन्तुष्ट नहीं है। सबको एडजस्ट किया जाएगा। सीएम शिवराज सिंह के विष पीने वाले बयान पर सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। कोई कठिनाई नहीं है, कोई असंतुष्ट नहीं है। सब ठीक हो जाएगा।

Vijay Shah पहुंचे BJP Office 

Cabinet विस्‍तार पर बीजेपी में चल रहे मंथन के बीच पूर्व मंत्री विजय शाह बीजेपी कार्यालय पहुंचे। उन्‍होंने प्रदेश अध्‍यक्ष वीडी शर्मा और अन्‍य नेताओं से मुलाकात की। चर्चा है कि विजय शाह का नाम संभावित मंत्रियों की सूची में नहीं है। माना जा रहा है कि उन्‍होंने इसी संदर्भ में प्रदेश अध्‍यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत तब अपनी बात पहुंचाई है।

Kamal Nath : भविष्‍य बताएगा मंत्रिमंडल में देरी के कारण और परिणाम

शिवराज कैबिनेट विस्‍तार में हो रही देरी पर प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष कमलनाथ ने कहा कि इतिहास में पहली बार इतने समय बाद मंत्रिमंडल बनने जा रहा है। इसके क्या कारण थे और इसके क्या क्या परिणाम होंगे यह आगे आने वाला समय बताएगा। क्‍या ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर रहे हैं पूछे जाने पर नाथ कहा कि कौन क्या कर रहा है इस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूं।

दिल्‍ली ने नाम फाइनल किए 

सूत्रों के अनुसार बीजेपी में मंत्रियों के नाम पर अब भी मंथन जारी है। हालांकि दिल्‍ली से पार्टी हाईकमान ने नामों की सूची को सहमति दे दी है। बीजेपी नेताओं की सक्रियता से लगता है कि अंतिम समय तक परिवर्तन होंगे। पार्टी को वरिष्‍ठ और नए मंत्रियों के संतुलन को साधने के साथ ही कांग्रेस से भाजपा में आए ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया समर्थक और अन्‍य पूर्व विधायकों को ‘फिट’ करने में दिक्‍कत का रही है। आरएसएस और बीजेपी के राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व ने नीति तय की है कि सीनियर नेताओं की संख्‍या कम कर नए चेहरों को जग‍ह दी जाए। राज्य का प्रदेश अध्‍यक्ष वीडी शर्मा को नियुक्‍त करते समय भी इसी नीति पर काम किया है। मगर मंत्रिमंडल विस्‍तार में यह नीति लागू करने में परेशानी हो रही है। कई सीनियर विधायक मंत्री बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में उन्‍हें नजरअंदाज करना उपचुनाव के ठीक पहले असंतोष को हवा देने जैसा होगा।

बताया जाता है कि पार्टी का एक धड़ा ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया समर्थकों को इतनी ज्‍यादा तवज्‍जो देने के पक्ष में नहीं है। उधर सिंधिया पहले से तय फार्मूले से कम सीट पर समझौता करने को तैयार नहीं हैं। पार्टी में यही माथापच्‍ची चल रही है। इसी उलझन का रास्‍ता निकालने के लिए बीती शाम मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी अध्‍यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री सुहास भगत ने फिर बैठक की। यह बैठक भी बेनतीजा रही। बैठक के बाद मुख्‍यमंत्री चौहान ने मीडिया को संकेत दिए कि 1 जुलाई को मंत्रिमंडल विस्‍तार नहीं हो रहा है। वहीं प्रदेश अध्‍यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि पार्टी के अंदरूनी मसलों को निपटाने के बाद मंत्रिमंडल विस्‍तार हो जाएगा।

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बताया जाता है कि शिवराज सिंह चौहान, ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया और बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष वीडी शर्मा की पसंद के कुछ नेताओं के नाम काटना है। मगर कोई भी नेता समझौता करने को तैयार नहीं है। सिंधिया का तर्क है कि कांग्रेस छोड़कर आए नेताओं को मंत्री नहीं बनाएंगे तो वे उपचुनाव में उतरेंगे कैसे। वहीं शिवराज वरिष्‍ठ विधायकों को छोड़ने के लिए राजी नहीं है। संगठन की नीति के रूप में वीडी शर्मा नए चेहरों की पैरवी कर रहे हैं। कांग्रेस छोड़ कर आए बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना, हरदीप डंग और रणवीर जाटव से किया गया मंत्री बनाने का वादा भी बीजेपी के लिए परेशानी बन गया है। निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल और बसपा के संजीव कुशवाह भी मंत्री बनने की आस संजोये बैठे हैं।  

आनंदी बेन की शपथ आज 4.30 बजे

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल बुधवार को शाम 4.30 बजे मप्र के प्रभारी राज्यपाल की शपथ लेंगी। आनंदीबेन को प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल लालजी टंडन की तबीयत खराब होने की वजह से मध्य प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आनंदीबेन इससे पहले जनवरी 2018 से जुलाई 2019 तक मध्य प्रदेश की राज्यपाल रह चुकी हैं।