भोपाल में आर्मी इंटेलिजेंस ने अग्निवीर को संदिग्ध बताकर पकड़ा, पुलिस ने बताया बेकसूर

शक के आधार पर आर्मी इंटेलिजेंस ने एक जोमैटो डिलीवरी बॉय को पकड़ा था, उसके पास आर्मी अफसरों के नंबर मिले थे, हालांकि, एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने जांच में उसे बेगुनाह पाया है।

Updated: Oct 29, 2022, 06:37 PM IST

भोपाल में आर्मी इंटेलिजेंस ने अग्निवीर को संदिग्ध बताकर पकड़ा, पुलिस ने बताया बेकसूर

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित लाल परेड ग्राउंड में अग्निवीर रैली भर्ती चल रही है। भर्ती रैली में शामिल होने आए एक युवक को आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट ने संदिग्ध मानकर पकड़ लिया। सैन्य अधिकारियों ने दावा किया कि युवक के पास से पाकिस्तानी कॉन्टेक्ट मिले हैं। हालांकि, एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ने युवक को बेनुगाह करार दिया है।

युवक की पहचान बैरागढ़ निवासी मनीष मेवाड़ा के रूप में हुई है। जहांगीराबाद थाना प्रभारी वीरेन्द्र सिंह चौहान के मुताबिक मनीष का चचेरा भाई 29 अक्टूबर को मोती लाल नेहरू ग्राउंड में चल रही भर्ती रैली में शामिल होने आया था। उसकी दौड़ देखने के लिए मनीष भी साथ आ गया। वह दौड़ देख रहा था, तभी शक होने पर उसे पकड़ लिया। अधिकारियों ने दावा कर दिया कि युवक भर्ती के दौरान वीडियो बना रहा था, जबकि मनीष खुद भर्ती में शामिल होने वाला अभ्यर्थी है। उसकी सोमवार को परीक्षा है। इससे पहले मिलिट्री ने उसे संदिग्ध मानकर पकड़ लिया।

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आर्मी अफसरों ने पुलिस को बताया था कि तलाशी और उसके सामान की जांच में युवक के पाकिस्तान से कॉन्टैक्ट्स मिले हैं। साथ ही, ड्रग तस्करी से जुड़े होने की भी आशंका है। इतना ही नहीं यह भी आरोप लगाया गया कि वह युवकों से सिलेक्शन के बदले 25 हजार रुपए मांग रहा था। साथ ही कहा गया कि उसके मोबाइल से कई आर्मी अफसरों के भी कॉन्टैक्ट मिले हैं।

हालांकि जांच के दौरान पुलिस और जांच एजेंसी को कोई संदिग्ध सबूत नहीं मिले है। डिलीवरी ब्वॉय होने के कारण युवक के मोबाइल से सेना के अफसरों के नंबर मिले है। जांच में पाया गया फेक कॉल के कारण युवक के मोबाइल में पाकिस्तान और विदेशी नंबर मौजूद हैं। 31 अक्टूबर को मनीष मेवाड़ा को अग्निवीर भर्ती में शामिल होना है। मनीष मेवाड़ा के परिजनों ने पुलिस को भर्ती का एडमिट कार्ड भी दिखाया। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।