MP BY Poll 2020: शिवराज चौहान से वादे का झुनझुना ले कर लौटे पूर्व मंत्री दीपक जोशी, कांग्रेस के बागियों की तरह नहीं मिला पद

Deepak Joshi: दीपक जोशी को केवल आश्वासन ही मिला है, कांग्रेस से आए नेताओं की तरह उन्हें कुछ घंटे में नहीं मिला कोई पद

Updated: Oct 19, 2020 04:31 PM IST

MP BY Poll 2020: शिवराज चौहान से वादे का झुनझुना ले कर लौटे पूर्व मंत्री दीपक जोशी, कांग्रेस के बागियों की तरह नहीं मिला पद

भोपाल। हाटपिपल्या क्षेत्र से पूर्व बीजेपी विधायक दीपक जोशी अपने समर्थकों के साथ भोपाल आए तो बड़े ग़ुस्से में थे लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें आश्वासन दिया और वे वादा ले कर लौट गए। दीपक जोशी बीते छह माह से नाराज हैं क्योंकि उनकी सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मनोज चौधरी को बीजेपी से टिकट देने जा रही है। भोपाल से दिल्ली तक शिकायत करने के बाद गुरुवार को वे फिर भोपाल आए थे क्योंकि  उन्हें संगठन में तवज्जो चाहिए थी और शिवराज ने उन्हें यह आश्वसन दे दिया। समर्थकों के साथ खुद दीपक जोशी को उम्मीद है कि शिवराज उन्हें मंत्री दर्जे वाला कोई पद देंगे। 

दीपक जोशी गुरुवार को जब समर्थकों से साथ आए तो लग रहा था कि वे आरपार की लड़ाई के मूड में आए हैं। सीएम हाउस पर उनके भाषण से ऐसा लगा भी लेकिन मुख्यमंत्री चौहान ने उनके ग़ुस्से पर ठंडा पानी डाल दिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद वे ख़ुशी ख़ुशी लौटे हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि वो अपने पुराने बयानों के लिए माफी मांगते हैं। सार्वजनिक मंच से मुझसे कई बार ऐसी बातें निकल गई जो गलत थीं। मेरे समर्थकों के सामने मैंने आज सारी बात साफ कर दी है। मैं बीजेपी में था, हूं और रहूंगा। दीपक जोशी ने कहा है कि वे बीजेपी उम्मीदवार के लिए काम करेंगे, पार्टी चाहे जिसे टिकट दे।  

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हालांकि, जानकार मान रहे हैं कि दीपक जोशी अपनी डूबती नैया हाई बचाने आए थे।भोपाल में नेताओं से मिलने और फिर दिल्ली जा कर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाक़ात के बाद संगठन के हर स्तर पर साफ हो गया था कि दीपक जोशी को टिकट नहीं दिया जाएगा। उनके सामने अपनी शक्ति के प्रदर्शन का यही एक अवसर था। और उन्होंने यह अवसर भुना भी लिया। मगर दीपक जोशी को केवल आश्वासन ही मिला है। कांग्रेस से आए नेताओं की तरह उन्हें कुछ घंटे में कोई पद नहीं मिला है। समर्थक इस तथ्य से परेशान है कि नेताजी को तुरंत पद नहीं मिला है। वे भी जानते हैं आश्वासन की कोई उम्र नहीं होती कि वह कभी पूरा होगा ही।