कोरोना तो चला जाएगा, उसके बाद देख लेंगे, सिलावट के प्रतिनिधि ने डॉक्टर को धमकाया

जान की बाजी लगाकर लोगों की सेवा में जुटे डॉक्टर को बीजेपी मंत्री तुलसी सिलावट के प्रतिनिधि ने दी धमकी, बोले- मंत्री जी को हल्के में ले रहे हो

Updated: May 04, 2021, 04:10 PM IST

कोरोना तो चला जाएगा, उसके बाद देख लेंगे, सिलावट के प्रतिनिधि ने डॉक्टर को धमकाया
Photo Courtesy: Zeenews

इंदौर। कोरोना संकट के इस दौर में अपनी जान की बाजी लगाकर मरीजों की सेवा में दिन-रात जुटे डॉक्टर्स किसी देवदूत से कम नहीं हैं। हेल्थ वर्कर्स आज किन परिस्थितियों और दबाव में काम कर रहे हैं इस बात की कल्पना करना घर में बैठे लोगों के लिए मुश्किल है। इसी बीच मध्यप्रदेश के इंदौर में बीजेपी मंत्री सिलावट के प्रतिनिधि द्वारा एक डॉक्टर को धमकी देने की खबर सामने आई है। धमकी देने वाले साहब सिंधिया समर्थक मंत्री तुलसी सिलावट के प्रतिनिधि है।

दरअसल, वॉट्सऐप पर एक वॉइस कॉल की ऑडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है। वायरल क्लिप इंदौर स्थित मेदांता अस्पताल के डॉक्टर संदीप श्रीवास्तव और मध्यप्रदेश सरकार में जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के प्रतिनिधि के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत की है। बातचीत के दौरान सिलावट के प्रतिनिधि पप्पू शर्मा डॉक्टर श्रीवास्तव को धमकाते हुए कहते हैं कि कोरोना तो 20-25 दिन में चला जाएगा लेकिन मंत्री जी को हल्के में लोगे तो पार्किंग में गाड़ियां खड़ी नहीं हो पाएगी।

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फोन करने वाले ने डॉक्टर से कहा, 'श्रीवास्तव जी! पप्पू शर्मा बोल रहा हूं, सिलावट भैया का प्रतिनिधि।' जवाब में डॉक्टर माफी मांगने के अंदाज में कहते हैं कि आपका फोन मिस हो गया। इसके बाद पप्पू शर्मा गुर्राते हुए कहते हैं, 'तीन-चार दिन हो गए, मुझे मना कर दो न... बेड नहीं दे पाऊंगा। हमें कोई दिक्कत नहीं है, कोरोना तो कल चला ही जाएगा न? माननीय मंत्री जी बोल रहे हैं, प्रभारी मंत्री लेकिन आप 3 दिन से हल्के में ले रहे हो।'

पप्पू शर्मा ने आवाज और ऊंची करते हुए कहा, '15-20 दिन में कोरोना तो चला जाएगा, लेकिन हॉस्पिटल तो इसी क्षेत्र में है न? पार्किंग यहीं है, सारी गाड़ियां यहीं खड़ी होती हैं। फिर देखे तो कोई खड़ी करके।' शर्मा ने धमकाते हुए कहा, 'देख लेना फिर आपकी इच्छा हो तो करना। मुझे कोई दिक्कत नहीं है। हमें मालूम है फिर क्या होता है और क्या नहीं होता है सब। ठीक है न?' 

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अब सवाल यह है जो डॉक्टर अपना घर-बार छोड़कर, अपनों से दूर होकर, अपनी जान हथेली पर रखकर दूसरों की जान बचाने में जुटे हैं उन्हें ओहदेदारों के लोग इस तरह से धमकाएं यह कहां तक उचित है। यह वही शिवराज सिंह चौहान की सरकार है जिसने कैमरों के सामने हेल्थ वर्कर्स पर फूल बरसाया था, लेकिन शिवराज के मंत्रियों के लोगों का फूल बरसाने का तरीका अलग ही किस्म का देखने को मिल रहा है। सवाल यब भी है कि रसूखदार लोग तो मंत्री जी से धमकी दिलवाकर बेड उपलब्ध करवा भी लेंगे, लेकिन आम लोग के पास क्या विकल्प है?