बीजेपी विधायक ने अपनी ही पार्टी के सांसद को बताया जयचंद, बोले- चमचे व्यापार बचा रहे हैं

मध्य प्रदेश के मैहर से विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा है कि विंध्य प्रदेश को काल्पनिक बताने वाले सतना सांसद का बयान मातृभूमि की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है

Updated: Jan 06, 2022, 10:03 AM IST

बीजेपी विधायक ने अपनी ही पार्टी के सांसद को बताया जयचंद, बोले- चमचे व्यापार बचा रहे हैं

सतना। बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपनी ही पार्टी के सांसद को जयचंद करार दिया है। त्रिपाठी ने सतना सांसद गणेश सिंह को विंध्यद्रोही बताते हुए हुए कहा है कि उन जैसे नेताओं की वजह से ही विंध्य पिछड़ेपन की मार झेल रहा है। दरअसल, त्रिपाठी मध्य प्रदेश से अलग विंध्य प्रदेश बनाने की मांग कर रहे हैं और इस मांग के विरुद्ध जाने वाले नेताओं को अक्सर वे खरी खोटी सुनाते रहते हैं। 

सतना सांसद गणेश सिंह ने हाल ही में विन्ध प्रदेश को काल्पनिक बताया था। इसपर नारायण त्रिपाठी ने पलटवार करते हुए कहा, 'सांसद गणेश सिंह का यह बयान विंध्य द्रोह की श्रेणी में है। ऐसा बचकाना बयान विंध्य की हमारी मातृभूमि की अस्मिता के साथ खिलवाड़ है, यह मातृभूमि का अपमान है। सांसद जी जिस विंध्य को काल्पनिक बता रहे है वह विंध्य प्रदेश कभी अस्तित्व में था लेकिन ऐसे ही जयचंदो की वजह से ही हमारे विंध्य के साथ धोखा कर मध्यप्रदेश में विलय कर लिया गया, जिसका खामियाजा आज हमारे विंध्य प्रदेश का जन मानष भुगत रहा है।'

त्रिपाठी ने आगे कहा कि, 'विंध्य क्षेत्र में न शिक्षा की कोई उचित व्यवस्था है न इलाज की। युवाओं को शिक्षा हेतु शहर दर शहर भटकना पड़ता है। स्वास्थ्य की माकूल व्यवस्था न होने से आज हमारे विंध्य के लोग इलाज के लिये नागपुर मंडी में जाकर लुटने को मजबूर हैं। विंध्य में IIT, IIM की कल्पना की जा सकती है? हमारा युवा रोजगार के लिए पलायन कर रहा है, भटक रहा है, हमारा किसान परेशान है, हमारे व्यवसाई परेशान है. विंध्य बनेगा तो सभी को लाभ होगा। विन्ध्य को राज्य के रूप में बनाने के लिए सभी अनुकूल परिस्थितियां विद्यमान हैं, पर्याप्त भूभाग, जनसंख्या और प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं।'

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भाजपा विधायक ने आगे कहा कि, 'आज विंध्य में कोई लीडरशिप नहीं है, केवल चमचे हैं। जो चमचागिरी कर अपना अपना व्यापार और अस्तित्व बचा रहे है। सांसद को नहीं पता कि जो हमारा राष्ट्रगीत है उसमे विंध्य का नाम समाहित है। विंध्य-महाकौशल RSS की मान्यता में भी राज्य इकाई हैं।  विंध्य को काल्पनिक बता पूरे विन्धवासियो का अपमान किया गया है और इसका बदला विंध्य प्रदेश के लोग आने वाले समय में लेंगे। नारायण त्रिपाठी ने विंध्यवासियों से अपील कर कहा है कि ऐसे तमाम उन चेहरों को जनता चिन्हित करे जो विध्य में रहकर विंध्य को काल्पनिक बता मखौल उड़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विंध्य नेताओ के दमपर नहीं जनता जनार्दन की मांग और उनके संघर्ष की बदौलत बनेगा।