सांसद के भाई से लेकर जिला उपाध्यक्ष तक, नगरीय निकाय चुनाव से पहले BJP में तेज हुई बगावत

सतना से भाजपा सांसद गणेश सिंह के भाई उमेश सिंह ने भाजपा पर उपेक्षा और अनदेखी करने का आरोप लगाया है, इसके अलावा सागर भाजपा जिला उपाध्यक्ष नवीन भट्ट ने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दी है

Updated: Jun 13, 2022, 11:01 PM IST

सांसद के भाई से लेकर जिला उपाध्यक्ष तक, नगरीय निकाय चुनाव से पहले BJP में तेज हुई बगावत
Image Courtesy : One India

भोपाल। प्रदेश भाजपा में बगावती सुर तेज हो गए हैं। जहां एक ओर सतना महापौर का टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा सांसद गणेश सिंह के भाई उमेश सिंह बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने को घोषणा कर चुके हैं। वही सागर से भाजपा जिला उपाध्यक्ष नवीन भट्ट ने टिकट नहीं मिलने पर पद से इस्तीफा देकर निर्दलीय चुनाव लड़ने की चेतावनी दे डाली है। 

दरअसल सतना से भाजपा ने नगर निगम महापौर के लिए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश ताम्रकार को चुनाव प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि महापौर प्रत्याशी पद के लिए सतना के सांसद गणेश सिंह के भाई उमेश सिंह (लाला) अपनी दावेदारी रख रहे हैं। जैसे ही भाजपा ने सतना से महापौर प्रत्याशी पद के लिए योगेश ताम्रकार के नाम की घोषणा की, टिकट नहीं मिलने से नाराज उमेश सिंह तिलमिला उठे और उन्होंने सोशल मीडिया में पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर पोस्ट कर दिए। उमेश सिंह ने बसपा के टिकट पर महापौर चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। हालांकि, कुछ देर बाद उन्होंने यह पोस्ट हटा ली, लेकिन तब तक यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।

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दूसरे बगावती सुर सागर से उठे है। सागर में भाजपा जिला उपाध्यक्ष नवीन भट्ट ने सागर नगरनिगम में महापौर टिकट के लिए ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को टिकट देने की मांग की है। यह कदम नवीन भट्ट ने उस समय उठाया जब बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक सागर में पार्टी कार्यालय में चल रही थी। इस मीटिंग में शिवराज सरकार के चार केबिनेट मंत्री, सांसद ,विधायक और बीजेपी के प्रदेश पदाधिकारी टिकिट को लेकर मंथन कर रहे थे।

बीजेपी जिला उपाध्यक्ष नवीन भट्ट ने चेतावनी देते हुए कहा, "मैं जिले का पार्टी उपाध्यक्ष और पार्टी का सच्चा सिपाही हूं। पूरी निष्ठा ईमानदारी से तन मन धन से मैंने काम किया है। मैं बीजेपी के कई पदों पर रहा हूं। मेरा पूरा परिवार स्वयंसेवक है। जनसंघ से लेकर बीजेपी से जुड़ा रहा है। वर्तमान में नगर निगम चुनाव में ब्राह्मण समुदाय की अहम भूमिका है। मेरी भावनाएं हैं कि महापौर के लिए बीजेपी से ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को टिकट मिले। अगर पार्टी ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को टिकट नहीं देती है तो मैं बीजेपी के सभी पदों से त्यागपत्र देकर महापौर का निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा। नगर निगम के 48 वार्डों में मेरा संपर्क है और मैं यह सुनहरा अवसर खोना नही चाहता हूं।"

इससे पहले आज राज्य सरकार के पूर्व वित्त मंत्री व वरिष्ठ नेता जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सिद्धार्थ ने एलान किया कि वे आगामी नगरपालिका चुनाव में दमोह के सभी वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार खड़े करेंगे और समर्थन देंगे। इसके साथ ही 2023 के आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का भी ऐलान कर दिया।