ग्वालियर: कोरोना ने छीनी व्यापार मेले की रौनक़, रात 10 बजे बंद करने के फ़ैसले के बाद उठने लगीं दुकानें

मुख्यमंत्री शिवराज चौहान अफ़सरों से कह चुके हैं कि ग्वालियर मेला समेटने की तैयारी करें, पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक़ मेला 15 अप्रैल तक चलना है, लेकिन अब इसके जल्द ख़त्म होने के आसार हैं

Updated: Mar 19, 2021, 09:26 PM IST

ग्वालियर: कोरोना ने छीनी व्यापार मेले की रौनक़, रात 10 बजे बंद करने के फ़ैसले के बाद उठने लगीं दुकानें
Photo Courtesy : Punjab Kesari

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सिंधिया घराने की आन-बान-शान से जुड़ा व्यापार मेला वक़्त से पहले ही ख़त्म होने की तरफ़ बढ़ रहा है। वजह है प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले और उनकी रोकथाम के लिए लगाई जा रही पाबंदियाँ। और अब तो ख़बर यह भी है कि ख़ुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर व्यापार मेले को जल्द ही समेटने की सलाह दे दी है।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने संभाग के आयुक्त और कलेक्टर समेत बड़े अफसरों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान ग्वालियर मेला जल्द समेटने की बात कही है। ग्वालियर में व्यापार मेले की औपचारिक शुरूआत 15 फरवरी को हुई थी। पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक़ यह मेला 15 अप्रैल तक चलना था, लेकिन अब इसके पहले ही उठ जाने की आशंका ज़ाहिर की जा रही है।

सच तो यह है कि दो दिन पहले मेला रात 10 बजे बंद करने की गाइडलाइन जारी होने के बाद से ही यहाँ रौनक़ घटनी शुरू भी हो गई है। दरअसल, प्रशासन के आदेश से मेला अब रात दस बजे भले ही बंद किया जा रहा हो, लेकिन मेले में असल भीड़ तो उसी समय रहती है। ऐसे में जल्द कारोबार बंद करने की मजबूरी के चलते कारोबारियों ने अपनी दुकानें समेटनी शुरू कर दी हैं। वैसे भी मेला भले ही औपचारिक रूप से 15 फरवरी को शुरू हो गया हो, लेकिन यहाँ सारे स्टॉल तो अब तक पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं। मेले में सिर्फ ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और झूले वाला हिस्सा ही पूरी तरह शुरू हुआ है और ज़्यादातर रौनक़ वहीं देखने को मिलती रही है।

राजशाही के ज़माने से चल रहे इस मेले का सिंधिया राजपरिवार के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। 28 फ़रवरी को बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया जब इस मेले में आए, तो वहां लगे एक झूले पर बैठकर कहा था, वाह क्या लग रहा है मेरा मेला! उनके इस बयान में मेले से राजपरिवार के पुराने जुड़ाव की झलक मिल रही थी। लेकिन अब लग रहा है कि इस बार मेले की रौनक़ अपने चरम पर पहुँचने से पहले ही ख़त्म होने की तरफ़ बढ़ रही है।