भोपाल में नौकरी मांग रहे युवाओं पर लाठीचार्ज, NSUI के प्रदेश अध्यक्ष को घसीटकर ले गई पुलिस

मध्य प्रदेश एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में PEB दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे छात्र, पुलिस ने बरसाई लाठियां, NSUI प्रदेश अध्यक्ष ने रेल रोको और जेल भरो आंदोलन की दी चेतावनी

Updated: Sep 30, 2022, 08:13 PM IST

भोपाल में नौकरी मांग रहे युवाओं पर लाठीचार्ज, NSUI के प्रदेश अध्यक्ष को घसीटकर ले गई पुलिस

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नौकरी मांग रहे छात्रों को पुलिस की लाठियां खानी पड़ी। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (PEB) दफ्तर के बाहर छात्रों के प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के साथ भी पुलिस ने बदसलूकी की। पुलिसकर्मी चौकसे को घसीटते हुए ले गए और लॉकअप में बंद कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी से भड़के एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस घेरने की चेतावनी दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ा।

दरअसल, मध्य प्रदेश में भर्तियां शुरू करने की मांग को लेकर बेरोजगार युवा आंदोलित हैं। प्रदेश के कई जिलों में छात्रों का प्रदर्शन और सत्याग्रह चल रहा है। शनिवार को राजधानी भोपाल में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के नेतृत्व ने बेरोजगार युवा व्यापम चौराहे पर जमा हुए और उन्होंने ध्वनि यंत्र बजाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। 

एनएसयूआई कार्यकर्ता यहां बीन, शहनाई, ढोल, ताशे आदि लेकर पहुंचे थे। आशुतोष चौकसे ने ध्वनि यंत्र लाने का मकसद बताते हुए कहा कि सरकार बहरी हो चुकी है। बहरे मुख्यमंत्री के कान तक शायद इससे युवाओं की मांग पहुंचे, इसलिए हम ध्वनि यंत्र लेकर आए हैं। छात्रों ने जब ध्वनि यंत्र बजाना शुरू किया तो वहां भारी संख्या में पुलिस जुट गई। थोड़े ही देर में आला अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। 

इस दौरान पुलिस ने बलप्रयोग करते हुए आशुतोष चौकसे को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके अलाव करीब 16 कार्यकर्ता और छात्रों को पुलिस उठाकर सेंट्रल जेल ले गई। प्रदेश अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर एनएसयूआई मेडिकल विंग के संयोजक रवि परमार ने सीएम हाउस घेराव की चेतावनी दी। रवि परमार ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों के साथ बर्बरता का हिसाब चुकता करेंगे। यदि सभी को पुलिस तत्काल छोड़ती नहीं है तो एनएसयूआई प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। हम सीएम हाउस का घेराव करेंगे और छात्र शक्ति राज्य सरकार की ईंट से ईंट बजा देगी। चेतावनी के बाद चौकसे समेत सभी छात्रों को सेंट्रल जेल से छोड़ा गया। 

हम सावरकर के वंशज नहीं: आशुतोष चौकसे

हिरासत से छूटने के बाद चौकसे ने कहा कि, 'हम लाठी खाने और जेल जाने से नहीं डरते। हम सावरकर के वंशज नहीं हैं। सरकार भर्तियां शुरू करे, वरना एनएसयूआई पूरे प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू करेगी। सीएम चौहान युवा शक्ति का दमन करने का विचार त्याग दें। हमारे धैर्य का परिक्षा न लें। वरना हम रेल रोको आंदोलन, जेल भरो आंदोलन और प्रदेश बंद का आह्वान करने को मजबूर होंगे।'