खातेगांव में आदिवासी युवक प्रताड़ना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, जनता के साथ घंटों धूप में नीचे बैठे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में जुटे हजारों आदिवासी, युवा आदिवासी कार्यकर्ता रामदेव काकोड़िया पर हुई कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन, 45 डिग्री तापमान में घंटों लोगों के साथ धूप में बैठे रहे दिग्विजय सिंह

Updated: May 25, 2022, 10:48 AM IST

खातेगांव में आदिवासी युवक प्रताड़ना के ख़िलाफ़ प्रदर्शन, जनता के साथ घंटों धूप में नीचे बैठे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह

खातेगांव। मध्य प्रदेश के खातेगांव में युवा आदिवासी कार्यकर्ता रामदेव काकोड़िया पर जिलाबदर की कार्रवाई के खिलाफ आदिवासी समुदाय का आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को खातेगांव में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस दिग्गज नेता व पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए और वह 45 डिग्री तापमान में घंटों जमीन पर आदिवासियों के साथ बैठे रहे।

मंगलवार को जयस ने खातेगांव के डाकबंगला मैदान पर धरना प्रदर्शन का आह्वान किया था। इस प्रदर्शन में देवास जिले के अलावा रतलाम, झाबुआ, बड़वानी, कुक्षी, बैतूल आदि क्षेत्रों के भारी संख्या में आदिवासी शामिल हुए। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और यूथ कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने वहां जाकर प्रदर्शनकारियों को अपना समर्थन दिया। खास बात ये है कि मंच से कई बार आग्रह होने पर भी दिग्विजय सिंह मंच पर नहीं बैठे। वह मंच के बजाए आम श्रोताओं की तरह जमीन पर ही बैठे रहे। दिग्विजय सिंह ने अपनी बात भी जमीन पर ही बैठे-बैठे रखी। 

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सिंह ने कहा कि मैं यहां कोई नेता के रूप में नहीं आया हूं बल्कि इन आंदोलनकारियों के साथ खड़ा होने के लिए आया हूं। रामदेव काकोड़िया ने आदिवासियों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई, नेमावर में आदिवासी हत्याकांड में जांच की मांग उठाई उस पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए। मैं आईजी, एसपी से पूछना चाहता हूं कि इस देश भारतीय संविधान, कानून लागू होगा या भाजपा, संघ का कानून लागू होगा? 

दिग्विजय सिंह ने बुधवार को ट्वीट कर बताया कि देवास पुलिस ने आदिवासियों की मांगें मानते हुए सार्वजनिक मंच से घोषणाएँ की है कि मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ SCST Act के तहत FIR दर्ज होगी। खातेगॉंव टीआई को निलंबित किया जाएगा। डॉक्टर जिसने ग़लत रिपोर्ट दी उस पर सख़्त कार्रवाई की जाएगी। और रामदेव काकोडिया पर हुई ज़िला बदर की कार्रवाई निरस्त की जाएगी।