सड़क बनवाने के बावजूद इस बार ग्रामीणों ने नहीं दी वोट, हार से बौखलाए सरपंच ने खुदवा दी पूरी सड़क

सरपंच चुनाव में मिली हार के बाद एक प्रत्याशी इस कदर बौखलाया कि उसने रिजल्ट आने के बाद गांव में बनी सड़क को ट्रैक्टर से खुदवा दिया, दरअसल उसने ही सरपंच बनने के बाद बनवाई थी सड़क

Updated: Jul 05, 2022, 04:11 PM IST

सड़क बनवाने के बावजूद इस बार ग्रामीणों ने नहीं दी वोट, हार से बौखलाए सरपंच ने खुदवा दी पूरी सड़क

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरपंच चुनाव में मिली हार के बाद एक प्रत्याशी इस कदर बौखलाया कि उसने गांव की सड़क खुदवा दिया। दरअसल, उसी व्यक्ति ने सरपंच बनने के बाद सड़क बनवाया था। सड़क बनवाने के बावजूद ग्रामीणों ने जब वोट नहीं दिया तो उसने पूरी सड़क ही खुदवा दी।

मामला रीवा जिला अंतर्गत गंगेव जनपद के अहिरवार गांव का है। यहां चंदनमणि त्रिपाठी ने सरपंच बनने के बाद गांव में सड़क बनवाया था। सात साल बाद जब इस बार चुनाव हुए तो फिर से चंदनमणि त्रिपाठी ने सरपंच पद के लिए उम्मीदवारी की थी। पंचायत में एक जुलाई को मतदान हुआ और जब शाम को रिजल्ट घोषित हुआ तो चंदमणि त्रिपाठी को सरपंच चुनाव में हार मिली।

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हार के बाद वे ग्रामीणों पर भड़क गए। उन्होंने तत्काल ट्रैक्टर से पूरी सड़क को खुदवा दिया। जब ग्रामीणों को इस बात का पता चला तो खुदी हुई सड़क पर पूरा गांव जमा हो गया और वे नारेबाजी करने लगे। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे और फरियाद सुनाई। ग्रामीणों की शिकायत पर पुलिस ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।

गांव में पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी से कहा कि चुनाव में हार-जीत के कारण आपसी संबंध खराब न करें। अधिकारियों के मुताबिक चंदनमणि त्रिपाठी द्वारा सड़क का निर्माण अपने पट्टे की जमीन पर कराया गया था। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि उक्त सड़क में शासकीय योजना के तहत भी काम कराया गया था। इससे जाहिर है कि यदि शासकीय योजना के तहत काम कराया गया है तो यह सड़क शासकीय संपत्ति है, जिसको नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।