MP: नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा में लापरवाही, भिंड दौरे के दौरान सुरक्षा में आए कांस्टेबल के पास बंदूक तक नहीं थी

भिंड प्रवास के दौरान सुरक्षा में लापरवाही पर नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह ने जताई नाराजगी, सीएम शिवराज को पत्र लिखकर कहा- लापरवाही के कारण कभी भी अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है

Updated: May 29, 2022, 02:30 PM IST

MP: नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा में लापरवाही, भिंड दौरे के दौरान सुरक्षा में आए कांस्टेबल के पास बंदूक तक नहीं थी

भिंड। मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। भिंड प्रवास के दौरान नेता प्रतिपक्ष की सुरक्षा में प्रशासन ने एक कांस्टेबल को खाली हाथ भेजा था। इस मामले में सिंह ने सीएम शिवराज को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है।

डॉ गोविंद सिंह ने पूर्व में घटित घटनाओं का उल्लेख करते हुए बताया है कि इस तरह सुरक्षा में चूक के कारण कभी भी अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है। सीएम चौहान को संबोधित पत्र में नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि, 'विगत कई वर्षों से भिण्ड जिले में राजनीति में सक्रिय होने से जिले में राजनैतिक विद्वेष की भावना पनपती रही है। राजनैतिक विद्वेष के चलते वर्ष 2008 में गोहद विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित तत्कालीन कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव की निर्वाचित होने के लगभग 03 माह बाद ही लोकसभा चुनाव के दौरान हत्या कर दी गई थी।' 

नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा है कि, 'साल 2013 के विधानसभा चुनाव के समय मेरे लहार स्थित निवास पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा गोलीबारी की गई, जिसकी रिपोर्ट लहार थाने में पंजीबद्ध है। इसी प्रकार वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी रसालसिंह के पुत्र एवं रिश्तेदारों ने ग्राम रूरई में मेरे छोटे भाई के पुत्र अनिरूद्ध सिंह पर गोलीबारी कर हमला किया गया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए थे। इस घटना की रिपोर्ट आलमपुर थाने में पंजीबद्ध कराई गई।'

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सिंह के मुताबिक वर्तमान में स्थिति शांतिपूर्ण नहीं है।10 मई को जब वे गोहद क्षेत्र के ग्राम कचनपुर में भागवत कथा का कार्यक्रम में पहुंचे तो वहां कांग्रेस विधायक माखनलाल जाटव के हत्यारे मौजूद थे। नेता प्रतिपक्ष ने लिखा है की, 'वे मुझसे भी व्यक्तिगत रंजिश रखते हैं। भिण्ड जिले में दौरे के दौरान मुझे जो पायलट वाहन उपलब्ध कराया गया वह कंडम हालत में था एवं ड्रायवर के साथ एक आरक्षक बिना शस्त्र के बैठा था। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि भिण्ड जिले की पुलिस व प्रशासन सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है।'