बुजुर्गों के साथ अमानवीयता के मामले में शिवराज सरकार पर सेलेक्टिव कार्रवाई का आरोप

इंदौर में बुजुर्गों को जानवरों की तरह डंपर में भरने के मामले में चौतरफा फजीहत के बाद सीएम को नर सेवा में नारायण सेवा की याद आई, प्रियंका गांधी बोली- कर्मचारियों पर नहीं ऑर्डर देने वालों पर हो कार्रवाई

Updated: Jan 30, 2021, 12:58 PM IST

बुजुर्गों के साथ अमानवीयता के मामले में शिवराज सरकार पर सेलेक्टिव कार्रवाई का आरोप

इंदौर। सरकारी आंकड़ों में देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए बुजुर्गों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किए जाने को लेकर देशभर में आक्रोश है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चौतरफा आलोचनाओं का सामना कर रही मध्य प्रदेश सरकार ने तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। लेकिन प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई पर अब सेलेक्टिव होने के आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई करने की जगह छोटे कर्मचारियों को हटाकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है। 

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मामले में सेलेक्टिव ढंग से कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार को इसके लिए लोगों से माफी मांगनी चाहिए। प्रियंका ने ट्वीट किया, 'इंदौर, मप्र की ये घटना मानवता पर एक कलंक है। सरकार और प्रशासन को इन बेसहारा लोगों से माफी माँगनी चाहिए और ऑर्डर लागू कर रहे छोटे कर्मचारियों पर नहीं बल्कि ऑर्डर देनेवाले उच्चस्थ अधिकारियों पर ऐक्शन होना चाहिए।'

दरअसल, अगले महीने स्वच्छता सर्वेक्षण होना है। इसलिए देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की साफ सफाई की जा रही है। लेकिन शर्म की बात यह है कि कचरे को हटाकर जंगलों में फेंकते-फेंकते कल कुछ बेसहारा बुजुर्गों को भी कचरे की तरह शहर से बाहर करने की कोशिश की गई। इस दौरान निगम कर्मचारी बेसहारा बुजुर्गों को गाड़ियों में भरकर शिप्रा गांव के आसपास के इलाकों में छोड़ने ले गए। लेकिन स्थानीय लोगों से यह देखा न गया। ग्रामीणों के विरोध करने पर बेसहारा बुजुर्गों को गाड़ियों में भरकर वहां से दूसरी जगह ले जाया गया। 

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इस घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में बुजुर्गों के साथ इस अमानवीयता ने देशभर के लोगों को आक्रोशित कर दिया। विपक्ष के द्वारा भी मामले को जोरशोर से उठाया गया। चौतरफा फजीहत होती देख राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सामने आए और उन्होंने नर सेवा में नारायण सेवा का मंत्र देते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने का दावा किया।

सीएम ने ट्वीट किया, 'बुजुर्गों के प्रति अमानवीय व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। मेरे लिये नर सेवा ही नारायण सेवा है। हर वृद्ध को आदर, प्रेम और सम्मान मिलना चाहिए; यही हमारी संस्कृति है और मानव धर्म भी। इस मामले में जिम्मेदार नगर निगम उपायुक्त सहित दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और कलेक्टर इंदौर को बुजुर्गों की समुचित देखभाल करने का निर्देश दिया है।'

रिपोर्ट्स के मुताबिक जिन दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है वह कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स थे। वहीं नगर निगम उपयुक्त को राजधानी भोपाल अटैच किया गया है। अब सवाल यह है कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स किसके आदेश पर यह अमानवीय कृत्य करने पर मजबूर हुए। यह सवाल फिलहाल अनुत्तरित है। सीएम और राज्य सरकार पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि मामले में दोषी उच्च अधिकारियों को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को मोहरा बनाकर कार्रवाई किया गया है।