Sunita Patel: बिजली के 8-8 साल पुराने बकाए के लिए शिवराज सरकार किसानों को भेज रही है जेल

गाडवारा विधायक सुनीता पटेल बोलीं पुराने मामलों में किसानों को जेल भेजना है गलत, नरसिंहपुर में बुजुर्ग किसान समेत दो लोगों को पुराना बिजली का बिल बकाया होने पर भेजा गया था जेल

Updated: Dec 27, 2020, 03:02 AM IST

Sunita Patel: बिजली के 8-8 साल पुराने बकाए के लिए शिवराज सरकार किसानों को भेज रही है जेल
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नरसिंहपुर। जिले में प्रशासन की मनमानी का मामला सामने आया है। यहां एक 74 साल के बुजुर्ग समेत दो लोगों को पुराने बिजली के बिल के मामले में जेल भेज दिया गया। जिसके बाद स्थानीय विधायक सुनीता पटेल ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि गरीब किसानों को पुराने मामलों में फिर फंसाया गया तो वे सड़क पर उतरेंगी।

 दरअसल राम प्रसाद नाम के एक बुजुर्ग को तीन दिन जेल की हवा खानी पड़ी। वहीं एक अन्य किसान रमेश कौरव को भी जेल भेजा गया। नरसिंहपुर जिले में बिजली विभाग ने बिजली चोरी के करीब 300 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। किसानों की मानें तो आठ साल पहले दोनों पर केस दर्ज हुआ था। बुजुर्ग किसान रामप्रसाद का कहना है कि उसने 44 हजार रुपए चुका दिए हैं, उसके बाद भी पुलिस ने उन्हें जेल भेजा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामले में केस पर खत्मा लगाने की अनुशंसा भी बिजली विभाग ने की थी। बुजुर्ग राम प्रसाद को राशि जमा करवाने के बाद रसीद भी दी गई थी। इसके बाद केस में खात्मा लगाने की बजाय किसान को जेल भेज दिया गया।

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वहीं किसानों के जेल भेजन के मामले में बिजली कंपनी ने सफाई दी है कि बिजली चोरी के केस में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्होंने कई बार संपर्क करने के बाद भी राशि जमा नहीं करवाई थी। 

वहीं मामला सामने आने पर कांग्रेस विधायक सुनीता पटेल ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि 8 साल पुराने मामलों में किसानों को जेल भेजना असंवेदनशील है। उन्होंने प्रशासन के इस कृत्य की निंदा की है। कांग्रेस विधायक ने चेतावनी दी है कि अगर अब उनके क्षेत्र में दोबारा किसी किसान के साथ ऐसा बर्ताव होगा तो वे सड़क पर प्रदर्शन करेंगी।

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प्रशासन पर हमला बोलते हुए कांग्रेस विधायक सुनीता पटेल ने कहा कि अगर किसी कारणवश अन्नदाता किसान बकाया राशि जमा नहीं कर पाया तो क्या उसे जेल भेज दिया जाएगा। किसानों से सहानुभूति जताते हुए उन्होंने कहा कि पहले से ही प्रदेश के किसान मौसम की मार और केंद्र सरकार के किसान विरोधी बिल से परेशान हैं। किसान अगर अपना अधिकार मांग रहे हैं तो उन्हें राहत और उनका हक देने के बजाय उसे गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि शासन प्रशासन किसानों को तंग करने से बाज नहीं आती तो वे भी उनके साथ सड़क पर आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगी।

गौरतलब है कि सुनीता पटेल अक्सर जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में रहती हैं। सितंबर में उन्होंने नरसिंहपुर के एएसपी राजेश तिवारी पर अवैध खनन और जुआ सट्टा संरक्षण का आरोप लगाया था। वे  भोपाल के विधायक विश्राम गृह और विधान सभा में कई दिनों तक धरने पर भी बैठी थीं। राजेश तिवारी के तबादले के बाद ही उन्होंने धरना खत्म किया था।