मरीज़ को बाइक पर बैठा कर अस्पतालों के चक्कर काटते रहे मां और भाई, बेड न मिलने की वजह से मरीज़ ने रास्ते में ही तोड़ा दम

वकील सुरेश डागर की तबीयत पिछले कई दिनों से नासाज़ चल रही थी, लेकिन मंगलवार को रतलाम के अस्पतालों के चक्कर काटने के बावजूद परिजनों को सुरेश के लिए बेड नहीं मिल पाया

Updated: May 05, 2021, 08:57 AM IST

मरीज़ को बाइक पर बैठा कर अस्पतालों के चक्कर काटते रहे मां और भाई, बेड न मिलने की वजह से मरीज़ ने रास्ते में ही तोड़ा दम
Photo Courtesy: Patrika

रतलाम। रतलाम में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक मरीज़ ने बाइक पर ही दम तोड़ दिया। मंगलवार को मरीज़ की मां और भाई उसे बाइक पर बैठाकर अस्पतालों के चक्कर काटते रहे। लेकिन बेड न मिलने की वजह से मरीज़ ने रास्ते में बाइक पर ही दम तोड़ दिया। 

सुरेश की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही थी। मंगलवार को सुरेश की तबीयत जब और बिगड़ी तब सुरेश की मां और भाई उन्हें बाइक पर बैठाकर बेड की तलाश में मेडिकल कॉलेज गए। लेकिन मेडिकल कॉलेज में सुरेश के लिए कोई बेड नहीं मिला। मेडिकल कॉलेज से निराशा हाथ लगने के बाद दोनों सुरेश को आयुष ग्राम नामक निजी अस्पताल ले गए। लेकिन वहां भी कोई बेड खाली नहीं था।

इसके बाद जब बेड की तलाश में सुरेश को जब दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी बीच रास्ते में ही सुरेश ने बाइक पर बैठे बैठे ही दम तोड़ दिया। राम मंदिर तिराहे के पास सुरेश की जान निकल गई। इसके बाद मृतक की मां और उसका भाई मदद की इंतज़ार में रहे। लेकिन कोरोना से संक्रमित होने की आशंका वश किसी भी व्यक्ति ने उनकी मदद नहीं की। काफी देर बाद पुलिस की मदद से शव को ज़िला अस्पताल पहुंचाया जा सका। एक हिंदी अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक हफ्ते से रतलाम के सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड भरे पड़े हैं। इस समय एक भी ऑक्सीजन बेड खाली नहीं है।