जैसा बाबर ने राम मंदिर तुड़वाया, वैसा ही शिवराज हिंदुओं के आस्था का केंद्र ओंकारेश्वर पर्वत तुड़वा रहे हैं: साधु संत

स्थानीय लोग, साधु संत ॐकार पर्वत पर आदिशंकराचार्य की मूर्ति बनाने का विरोध कर रहे हैं। ये लोग राज्य सरकार द्वारा ओंमकारेश्वर में मांधाता पहाड़ी पर निर्माणाधीन 108 फीट ऊँची आदिशंकराचार्य की प्रतिमा और संग्रहालय को किसी अन्यत्र स्थान पर स्थापित करने की मांग कर रहे है।

Updated: Jun 08, 2022, 03:19 PM IST

जैसा बाबर ने राम मंदिर तुड़वाया, वैसा ही शिवराज हिंदुओं के आस्था का केंद्र ओंकारेश्वर पर्वत तुड़वा रहे हैं: साधु संत
Photo Courtesy: Newsclick.in

भोपाल। राजधानी भोपाल में पुलिस ने मंगलवार को रोशनपुरा चौराहे पर भारत हितरक्षा अभियान के बैनर तले प्लेकार्ड लेकर शांति पूर्ण प्रदर्शन करने वाले 50 लोगों को हिरासत में ले लिया। इन प्लेकॉर्ड पर हिंदुओं के धर्म स्थल को टूटने से बचाएं, धार्मिक स्थल को पिकनिक स्पॉट न बनाए ये नारे लिखे हुए थे। ये लोग राज्य सरकार द्वारा ओंमकारेश्वर में मांधाता पहाड़ी पर निर्माणाधीन 108 फीट ऊँची आदिशंकराचार्य की प्रतिमा और संग्रहालय को किसी अन्यत्र स्थान पर स्थापित करने की मांग कर रहे है।

ओंकारेश्वर पर्वत की मांधाता पहाड़ी पर राज्य सरकार द्वारा निर्माणाधीन आदिशंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा और संग्रहालय का स्थानीय लोग, आदिवासी, साधु संत विरोध कर रहे हैं। भारत हितरक्षा अभियान के अध्यक्ष अभय जैन ने बताया कि मांधाता पहाड़ी हिंदुओं के लिए पवित्र स्थल है। ये ॐ आकार की पहाड़ी है जहां आदि शंकराचार्य ने शिक्षा प्राप्त की। इसको संरक्षित करने के बजाए भाजपा शासित राज्य सरकार अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस पवित्र पहाड़ी की खुदाई कर रही है।
पिछले दो महीनों से स्थानीय लोग, साधु संत और दशकों से रहने वाले आदिवासी इस निर्माण का विरोध कर रहे हैं, उन्होंने खरगोन, इंदौर, ग्वालियर, खंडवा और भोपाल में धरना प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान चलाया है। ओमकार पर्वत संघर्ष समिति के बैनर तले मांधाता के रहने वाले 10 लोग भूख हड़ताल भी कर रहे हैं। 

एक संत ने बताया कि सड़क पर श्रीराम चिल्लाने वाले कभी राम के भगत नही होते। भक्ति अंतर्मुख होती है। ये सरकार सिर्फ हिंदुओं का वोट लेने की है बाकि हिंदुओं की जो पहचान हमारे वेदों में है, ॐकार पर्वत का वर्णन वेदों में आता है। इसको तोड़ने वाले हिंदू कैसे हो सकते हैं। यही हम जानना चाहते हैं। ॐकार पर्वत पर 80 फीट खुदाई कर दिया। 500 फीट रेंज उखाड़ कर फेंक दिया। 5000 वृक्षों को उखाड़ दिया। संत और स्थानीय लोग हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि आदि शंकराचार्य मूर्ति को मांधाता पहाड़ी से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाए।

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108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य जी की प्रतिमा और संग्रहालय का निर्माण 2141 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास द्वारा इस परियोजना की देख रेख कर रहे है। इस न्यास के अध्यक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान है और 14 अन्य लोग इसके सदस्य हैं।