वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने किया जानलेवा हमला, एक जवान हुआ घायल

मुरैना ज़िले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में हुई घटना, रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर जा रहा था वन विभाग का अमला, एसडीओ समेत अन्य जवानों पर ग्रामीणों ने बरसाए लाठी डंडे, फायरिंग भी की

Updated: Jun 10, 2021, 01:46 PM IST

वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने किया जानलेवा हमला, एक जवान हुआ घायल
Photo Courtesy: Naidunia

मुरैना। मुरैना जिले में रेत माफियाओं का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम को देवगढ़ थाना क्षेत्र के पास ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में एक जवान बुरी तरह से घायल हो गया। इस पूरे मामले में देवगढ़ थाना के थाना प्रभारी की भूमिका संदेहास्पद बताई जा रही है। 

बुधवार शाम को एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे वन विभाग के अमले के साथ दौरे पर निकली थीं। रास्ते में वन विभाग की टीम को रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली मिली। वन विभाग की टीम ने फौरन मौके से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवगढ़ थाने को सूचना दी। लेकिन थाने से कोई भी व्यक्ति ट्रैक्टर ट्रॉली को लेने नहीं आया। 

इसके बाद एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे खुद वन विभाग की टीम के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली को देवगढ़ थाने लेकर जाने लगीं। लेकिन रास्ते में पठानपुरा गांव के पास ग्रामीणों ने रास्ता ब्लॉक कर दिया। और अचानक वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। 

हमलावर करीब सौ की संख्या में मौजूद थे। उन्होंने लाठी डंडों से वन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान फायरिंग भी की गई। एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे की गाड़ी पर जब ग्रामीणों ने लाठी डंडे बरसाने शुरू किए तब एसएसडीओ को बचाने की जद्दोजहद में एक जवान भी घायल हो गया, और उसका हाथ फ्रेक्चर हो गया। 

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ग्रामीणों ने ट्रैक्टर ट्रॉली अपने कब्जे में ले ली। ग्रामीणों के आतंक को देख वन विभाग की टीम ने भी अपनी गाड़ी वापस ले ली। अब इस पूरे मामले में देवगढ़ थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी अरुण सिंह कुशवाह की भूमिका संदेहास्पद बताई जा रही है। एसडीओ श्रद्धा पांढ़रे का कहना है कि थाना प्रभारी को सूचित करने के बावजूद थाने से कोई नहीं आया।

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वहीं थाना प्रभारी का कहना है कि वे तीन चार दिनों से थाने में नहीं हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि एसडीओ ने उन्हें उस समय फोन किया था, जब उन पर हमला किया जा रहा था। हमले की सूचना मिलने पर उन्होंने तुरंत ही ASI के साथ फोर्स को भेजा था। लेकिन तब तक वन विभाग की टीम वहां से निकल चुकी थी। अरुण सिंह कुशवाह ने कहा है कि इससे पहले एसडीओ ने उन्हें फोन कर जानकारी नहीं दी थी कि उन्होंने ट्रैक्टर ट्रॉली ज़ब्त किया है।