अमित शाह ने जारी किया बीजेपी का घोषणापत्र, बंगाल में लागू करेंगे विवादास्पद CAA कानून

अमित शाह ने कहा कि हम पश्चिम बंगाल की जनता की अपेक्षाएं पूरी करेंगे, ये सिर्फ घोषणाएं नहीं हमारे संकल्प हैं, 11 हजार करोड़ के सोनार बांग्ला फंड का वादा भी किया

Updated: Mar 21, 2021, 08:11 PM IST

अमित शाह ने जारी किया बीजेपी का घोषणापत्र, बंगाल में लागू करेंगे विवादास्पद CAA कानून
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने आज अपनी घोषणापत्र जारी कर दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आज घोषणापत्र जारी करते हुए इसे संकल्प पत्र का नाम दिया। बीजेपी ने अपने घोषणान पत्र में गोहत्या पर रोक, बंगाल की पहली कैबिनेट में CAA कानून लागू करने समेत कई वादे किए हैं। इस दौरान बंगाल बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।

घोषणापत्र के अहम वादे

अमित शाह ने एलान किया कि राज्य में बीजेपी की सरकार आने पर 11 हज़ार करोड़ रुपए का सोनार बांग्ला फंड  शुरु करेंगे। इस फंड से बंगाल के साहित्य, कला, संस्कृति और सारी विधाओं को प्रमोट किया जाएगा। इसके साथ ही हर परिवार के लिए शौचालय और पीने के साफ पानी की व्यवस्था की जाएगी। नोबल पुरस्कार की तर्ज पर टैगोर पुरस्कार और ऑस्कर पुरस्कार की तर्ज पर सत्यजीत रे इंटरनेशनल अवॉर्ड की शुरुआत करने का भी वादा किया गया है।

घोषणापत्र के मुताबिक कृषक सुरक्षा योजना के तहत हर भूमिहीन किसान को हर वर्ष 4,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। उत्तर बंगाल, जंगलमहल और सुंदरबन क्षेत्र में 3 नए AIIMS बनाए जाएंगे। इसके अलावा सभी बेटियों के लिए KG से PG तक की पढ़ाई मुफ्त होगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सभी महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की व्यवस्था होगी। घोषणापत्र जारी करते हुए शाह ने एलान किया कि राज्य में बीजेपी की सरकार आने के बाद पहली कैबिनेट में सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (CAA) को लागू कर दिया जाएगा।

घोषणापत्र जारी करने से पहले पहले आज पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रैली को संबोधित किया और लोगों से बीजेपी को वोट देने की अपील की। इस दौरान बीजेपी के दोनों ही नेताओं ने 'सोनार बांग्ला' के नारे को दोहराया। 

ममता ने 10 साल तक बंगाल को धोखा दियामोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने बांकुड़ा में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि, 'दीदी से जितना सवाल करता हूं, वह उतनी ही गुस्सा हो जाती हैं। अब वह कहती है कि उसे मेरा चेहरा पसंद नहीं है। दीदी, लोकतंत्र में जनसेवा को परखा जाता है न कि चेहरे को। आपने पिछले 10 वर्षों में केवल खोखली घोषणाएं की हैं। आप जिन कामों का दावा करती हैं, वे कहां है? आप 'खेला होबे' कहती रहती हैं, जबकि पश्चिम बंगाल के लोगों ने 'खेला शेष होबे' (खेल समाप्त हो जाएगा) का फैसला कर लिया है।' मोदी ने आगे कहा दीदी ने 10 साल तक धोखा दिया है और वह हार के डर से बौखला गई हैं।