Ram Temple: रखी गई आधार शिला, मंदिर निर्माण शुरू

Ram Mandir Bhumi pujan: PM Narendra Modi ने कहा कि आज की मर्यादा दो गज की दूरी, मास्क है जरुरी

Updated: Aug-05, 2020, 10:36 PM IST

Ram Temple: रखी गई आधार शिला, मंदिर निर्माण शुरू
Ram Temple: रखी गई आधार शिला, मंदिर निर्माण शुरू

नई दिल्ली। अयोध्या में भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए आधार शिला रख दी है। इसके साथ ही राम मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ हो गया है। भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि आज इतिहास रचा जा रहा है। आज पूरा भारत राम-मय है, हर मन दीपमय है। इंतजार समाप्त हो रहा है। बरसों तक रामलला टेंट में रहे थे, लेकिन अब भव्य मंदिर बनेगा। कोरोना के कारण जैसे हालात हैं, राम के द्वारा दिया गया मर्यादा का रास्ता जरूरी है। वर्तमान की मर्यादा है दो गज की दूरी और मास्क है जरुरी। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें ध्यान रखना है, जब जब मानवता ने राम को माना है विकास हुआ है, जब जब हम भटके हैं विनाश के रास्ते खुले हैं! हमें सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है। हमें सबके साथ से, सबके विश्वास से, सबका विकास करना है। प्रभु श्रीराम ने हमें कर्तव्यपालन की सीख दी है, अपने कर्तव्यों को कैसे निभाएं इसकी सीख दी है! उन्होंने हमें विरोध से निकलकर, बोध और शोध का मार्ग दिखाया है! हमें आपसी प्रेम और भाईचारे के जोड़ से राममंदिर की इन शिलाओं को जोड़ना है। 

राममंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा

मोदी ने कहा कि आज भी भारत के बाहर दर्जनों ऐसे देश हैं जहां, वहां की भाषा में रामकथा, आज भी प्रचलित है। मुझे विश्वास है कि आज इन देशों में भी करोड़ों लोगों को राम मंदिर के निर्माण का काम शुरू होने से बहुत सुखद अनुभूति हो रही होगी। मुझे विश्वास है कि श्रीराम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला ये भव्य राममंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का द्योतक होगा। मुझे विश्वास है कि यहां निर्मित होने वाला राममंदिर अनंतकाल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा। हमें ये भी सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, राममंदिर का संदेश, हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश, कैसे पूरे विश्व तक निरंतर पहुंचे। कैसे हमारे ज्ञान, हमारी जीवन-दृष्टि से विश्व परिचित हो, ये हमारी, हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी है।

गांव-गांव से लाई गईं शिलाएं ऊर्जा का स्रोत बनी 
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे पत्थरों पर श्रीराम लिखकर रामसेतु बनाया गया, वैसे ही घर-घर से,गांव-गांव से श्रद्धापूर्वक पूजी शिलाएं, यहां ऊर्जा का स्रोत बन गई हैं। देश भर के धामों और मंदिरों से लाई गई मिट्टी और नदियों का जल, वहां के लोगों,वहां की संस्कृति और वहां की भावनाएं,आज यहां की शक्ति बन गई हैं। जिस तरह दलितों-पिछ़ड़ों-आदिवासियों, समाज के हर वर्ग ने आजादी की लड़ाई में गांधी जी को सहयोग दिया, उसी तरह आज देशभर के लोगों के सहयोग से राम मंदिर निर्माण का ये पुण्य-कार्य प्रारंभ हुआ है। इस मंदिर के साथ सिर्फ नया इतिहास ही नहीं रचा जा रहा, बल्कि इतिहास खुद को दोहरा भी रहा है। जिस तरह गिलहरी से लेकर वानर और केवट से लेकर वनवासी बंधुओं को भगवान राम की विजय का माध्यम बनने का सौभाग्य मिला है। 

श्रीराम के काम में मर्यादा का उदाहरण यह आयोजन 

कोरोना से बनी स्थितियों के कारण भूमिपूजन का ये कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है। श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए, देश ने वैसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसी मर्यादा का अनुभव हमने तब भी किया था जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। हमने तब भी देखा था कि कैसे सभी देशवासियों ने शांति के साथ, सभी की भावनाओं का ध्यान रखते हुए व्यवहार किया था। आज भी हम हर तरफ वही मर्यादा देख रहे हैं।

राम आज भी हमारे मन में मौजूद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे 15 अगस्त का दिन गुलामी के विरूद्ध हुए आंदोलन का प्रतीक है, वैसे ही आज का दिन राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए सदियों तक अपनी तपस्या और त्याग का प्रतीक है। राम हमारे मन में गढ़े हुए हैं। राम हमारे मन में घुल मिल गए हैं। कोई भी काम करने के लिए हमें राम से ही प्रेरणा मिलती है। राम का अस्तित्व मिटाने के लिए सदियों तक प्रयास किए गए लेकिन राम आज भी हमारे मन में मौजूद हैं। अयोध्या में बन रहा राम मंदिर करोड़ों लोगों की सामूहिक संकल्प शक्तियों का प्रतीक बनेगा। यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प और साधना की प्रेरणा देगा।मोदी ने कहा कि यहां आने से पहले में हनुमानगढ़ी गया था, कलियुग में आज भी हनुमान राम की रक्षा कर रहे हैं।

इससे पहले राम जन्मभूमि ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि अब लोगों को तन-मन-धन से मंदिर निर्माण में जुटना चाहिए और काम को आगे बढ़ाना चाहिए। मंदिर का निर्माण एक नए भारत का निर्माण है, इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

RSS प्रमुख मोहन भागवत का संबोधन

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज आनंद का क्षण है, एक संकल्प लिया था। तब के संघप्रमुख देवव्रत जी ने कहा था कि 20-30 साल काम करना होगा, तब ये काम करना होगा। आज 30 वें साल की शुरुआत में काम शुरू हुआ है। कई लोग महामारी के कारण नहीं आ पाए, लालकृष्ण आडवाणी जी भी नहीं आ पाए हैं। जो नहीं हैं वे सूक्ष्म रूप में उपस्थित हैं। देश में अब आत्मनिर्भर बनाने की ओर काम जारी है, आज महामारी के बाद पूरा विश्व नए रास्तों को ढूंढ रहा है। जैसे-जैसे मंदिर बनेगा, राम की अयोध्या भी बननी चाहिए। 

सीएम योगी का संबोधन पूरा 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कहा कि पांच सदी के बाद आज 135 करोड़ भारतवासियों का संकल्प पूरा हो रहा है। देश में लोकतांत्रिक तरीकों के साथ ही मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इस घड़ी की प्रतीक्षा में कई पीढ़ियां गुजर चुकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूझबूझ और प्रयासों के कारण आज संकल्प पूरा हो रहा है। हमने तीन साल पहले अयोध्या में दीपोत्सव का कार्यक्रम शुरू किया था, आज उसकी सिद्धी हो रही है। 

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत ने पूरी दुनिया में एक मिसाल पेश किया है। भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली, न्यायपालिका, कार्यपालिका ने संविधान सम्मत तरीके से वर्षों से चली आ रही समस्या का निराकरण किया, जो कि पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण है। इस दिन के लिए अनेक महापुरुषों और वीरांगनाओं ने बलिदान दिया।  कोरोना महामारी के कारण जो भूमिपूजन में उपस्थित नहीं है, आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रमों के ज़रिए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। 

तय मुहूर्त में रखी गई राम मंदिर निर्माण के लिए शिला

पीएम मोदी के साथ पूजा में यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ, संघ प्रमुख मोहन भागवत शामिल हुए। पीएम मोदी ने तय मुहूर्त 12.44 बजे बाद राम मंदिर निर्माण के लिए शिला रखी। महंत नृत्यगोपाल दास 40 किलो की चांदी से बनी शिला लेकर आए हैं। इन्हें नींव में रखा जाएगा। राम मंदिर भूमि पूजन का मुहूर्त 32 सेंकेड का था जो 12.44 मिनट 8 सेकंड से लेकर 12. 44 मिनट 40 सेकेंड के बीच था भूमि-पूजन के निर्धारित मुहूर्त पर दोपहर साढ़े 11 से साढ़े 12 बजे के मध्य हरि संकीर्तन का आयोजन किया गया। मंत्रोच्चार के बीच पूजा हुई। पूरे कार्यक्रम में काशी, अयोध्या, दिल्ली, प्रयाग के विद्वानों को बुलाया है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामजन्मभूमि स्थल पर रामलला की पूजा की। पूजा के दौरान पीएम मोदी दंडवत प्रणाम किया और परिसर में पारिजात का पौधा लगाया।

रामलला के दर्शन से पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा करने की मान्यता है। इसी के अनुरूप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की। हनुमानगढ़ी में पीएम मोदी को पगड़ी पहनाई गई, चांदी का मुकुट और हनुमान गदा भेंट की गई। 

इससे पहले लखनऊ से अयोध्या पहुँचने पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। अयोध्या में भूमि पूजन स्थल पर सुबह से ही पूजा शुरू हो गई है। राम मंदिर भूमि पूजन के लिए यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ, बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उमा भारती, बाबा रामदेव अयोध्या पहुंच चुकी हैं। 

अयोध्या में राम मंदिर भूमि पूजन में शामिल मेहमानों के लिए बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं। राम मंदिर के अगुवा रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जैसे वरिष्ठ नेता इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए हैं। 

PM Modi ने पहना धोती और कुर्ता

प्रधानमंत्री ने आज सुबह 9.30 बजे दिल्ली से भारतीय वायु सेना के विमान में अयोध्या के लिए उड़ान भरी। प्रधानमंत्री तकरीबन 10.35 बजे लखनऊ पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के लखनऊ पहुंचने के बाद वे हेलीकॉप्टर से अयोध्या पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तकरीबन 11.30 बजे अयोध्या पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज आम दिनों से विपरीत पोशाक में नज़र आए हैं। नरेंद्र मोदी भगवा रंग के धोती और कुर्ता पहन कर अयोध्या जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या पहुंचने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। आनंदी बेन पटेल पहले ही अयोध्या के लिए निकल चुकी हैं।प्रधानमंत्री सबसे पहले हनुमानगढ़ी पर पूजा करेंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी मंदिर स्थल पर पहुंचेंगे।  

यह होगा प्रधानमंत्री का कार्यक्रम

  • 9:35 बजे: दिल्ली से प्रस्थान 
  • 10:35 बजे: लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे 
  • 10:40 बजे: हेलिकॉप्टर से अयोध्या के लिए प्रस्थान
  • 11:30 बजे: अयोध्या साकेत कॉलेज के हेलीपैड पर लैंडिंग
  • 11:40 बजे: हनुमानगढ़ी में अयोध्या के राजा हनुमानजी के दर्शन
  • 12.00 बजे: राम जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे
  • 10 मिनट में रामलला विराजमान के दर्शन 
  • 12:15 बजे: रामलला परिसर में पारिजात का पौधारोपण
  • 12:30 बजे: भूमिपूजन कार्यक्रम का शुभारंभ
  • 12:40 बजे: राम मंदिर की आधारशिला की स्थापना
  • 1.10 बजे: नृत्यगोपाल दास वेदांती जी सहित ट्रस्ट कमेटी से मिलेंगे
  • 2:05 बजे: साकेत कॉलेज हेलीपैड के लिये प्रस्थान
  • 2:20 बजे: लखनऊ के लिए रवाना