पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को पटियाला हाउस कोर्ट ने पांच दिन की कस्टडी में भेजा

दिल्ली पुलिस का दावा, ग्रेटा थनबर्ग द्वारा ट्वीट किया गया डॉक्युमेंट दिशा रवि ने ही उन्हें मुहैया कराया था, इसे तैयार करने के लिए दिशा ने खालिस्तानी समूह के साथ मिलकर काम किया था

Updated: Feb 14, 2021, 01:03 PM IST

पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को पटियाला हाउस कोर्ट ने पांच दिन की कस्टडी में भेजा
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नई दिल्ली। स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट के सिलसिले में गिरफ्तार बेंगलुरु की पर्यावरण एक्टिविस्ट और छात्रा दिशा रवि को दिल्ली की अदालत ने पांच दिनों के लिए पुलिस रिमांड में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने आज दिशा को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करके 7 दिनों की रिमांड मांगी थी। पुलिस ने 21 साल की दिशा पर खालिस्तान समर्थक ग्रुप के साथ मिलकर भारत सरकार के खिलाफ बड़ी साजिश रचने का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी कहा है कि ग्रेटा थनबर्ग ने टूलकिट के नाम से जो डॉक्युमेंट शेयर किया था, वो दिशा ने ही उन्हें मुहैया कराया था। 

दिल्ली पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी करके बताया है कि 'टूलकिट मामले में दर्ज FIR नंबर 49/21 के तहत आपराधिक साजिश रचने के आरोप में दिशा रवि को गिरफ्तार किया गया है। वो टूलकिट गूगल डॉक को एडिट करने और उसे फैलाने की साजिश में शामिल थीं। आरोपी दिशा रवि को कोर्ट ने पांच दिन के लिए कस्टडी में भेजा है। आगे की जांच चल रही है।

पुलिस का कहना है कि ट्वीट पर टूलकिट के नाम से शेयर किए गए डॉक्युमेंट का संबंध खालिस्तानी अलगाववादी ग्रुप को दोबारा खड़ा करने करने और भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश रचने से है। इस साज़िश में हजारों और लोग भी शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि ये लोग खालिस्तानी आतंकी गुरूपतवंत सिंह पन्नू से प्रभावित हैं। दिशा रवि ने 3 फरवरी को टूलकिट नाम से शेयर किए गए डॉक्युमेंट को एडिट किया था। पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त कर लिया है, लेकिन उसका डेटा डिलीट कर दिया गया है।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक दिशा ने अपने बचाव में कहा, 'मैंने शेयर किए गए डॉक्युमेंट में दो लाइन एडिट की थी। मैंने उन किसानों का समर्थन करने के लिए ऐसा किया, जो हमारे अन्नदाता हैं। मैं उनके आंदोलन से प्रभावित थी। किसानों की वजह से हमें भोजन मिलता है।'  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिशा को शनिवार देर रात को नॉर्थ बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। 

पुलिस का आरोप है कि दिशा ने किसान आंदोलन के बारे में जानकारी देने वाले डॉक्युमेंट को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी और उसे ग्रेटा थनबर्ग के साथ शेयर भी किया था। पुलिस का कहना है कि इस डॉक्युमेंट में  हिंसा की साजिश की रूपरेखा थी, जिसे खालिस्तानी संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के साथ मिलकर तैयार किया गया था। पुलिस का आरोप है कि इस डॉक्युमेंट के जरिए भारत विरोधी भावनाएं भड़काने की कोशिश की गई। 

कौन हैं दिशा रवि

21 साल की दिशा बेंगलुरु के प्रतिष्ठित माउंट कार्मेल कॉलेज की छात्रा हैं। उन्होंने माउंट कार्मेल कॉलेज से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की है। वे फ्राइडे फ़ॉर फ्यूचर कैम्पेन की फॉउंडर्स में भी शामिल हैं। दिशा रवि के पिता मैसूरु में एथलेटिक्स कोच हैं, जबकि मां एक गृहिणी हैं। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने ग्रेटा थनबर्ग द्वारा ट्विटर पर शेयर किए गए एक डॉक्युमेंट के सिलसिले में केस दर्ज किया था। इसी मामले में शनिवार की रात दिशा को बेंगलुरु से हिरासत में लिया गया।