कोरोना के मामलों में फिर आया उछाल, पुणे में नाइट कर्फ्यू, स्कूल-कॉलेज 28 फरवरी तक बंद

महाराष्ट्र में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ने के बाद मुंबई समेत 3 और शहरों में सख्ती की तैयारी, देश के कई और राज्यों में तेज़ी से बढ़ रहा है इंफ़ेक्शन, केंद्र ने कहा टेस्टिंग बढ़ाकर नए मामलों की पहचान करें राज्य सरकारें

Updated: Feb 21, 2021, 03:51 PM IST

कोरोना के मामलों में फिर आया उछाल, पुणे में नाइट कर्फ्यू, स्कूल-कॉलेज 28 फरवरी तक बंद
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मुंबई/नई दिल्ली। कोरोना के मामलों में अचानक तेज़ी आने की वजह से महाराष्ट्र सरकार ने एक बार फिर राज्य के कई शहरों में सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। पुणे जिला प्रशासन ने नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। यहां रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लोगों के घरों से निकलने पर रोक लगा दी गई है। केवल इमरजेंसी की हालत में भी निकलने की इजाजत होगी। शहर के स्कूल-कॉलेज भी 28 फरवरी तक के लिए बंद कर दिए गए हैं।

पुणे में उठाए गए इन क़दमों के बाद महाराष्ट्र सरकार अब नागपुर, अमरावती, यवतमाल और मुंबई में भी नाइट कर्फ्यू लगाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से साथ होने वाली एक बैठक में आज ही इस बारे में अहम फ़ैसला कर लिया जाएगा।

महाराष्ट्र के अलावा देश के बाक़ी राज्यों से भी एक बार फिर कोरोना के मरीजों की तादाद तेज़ी से बढ़ने की ख़बरें आ रही हैं। महाराष्ट्र के अलावा मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब,  पुदुच्चेरी, त्रिपुरा और चंडीगढ़ में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। केरल में हालात बिगड़ने के बाद उठाए गए कदमों की वजह से पिछले तीन दिनों से स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है।

बदले हुए हालात में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को पत्र लिखकर फ़िर से कोरोना की टेस्टिंग बढ़ाने को कहा है। मंत्रालय ने कहा है कि टेस्टिंग के जरिए ज्यादा से ज्यादा कोरोना संक्रमितों को ट्रेस करके संक्रमण को फैलने से रोकना होगा। दरअसल, पूरे देश में हर दिन होने वाली टेस्टिंग में पिछले एक महीने में 5 लाख की गिरावट दर्ज की गई है। दिसंबर तक हर दिन 11 लाख के करीब लोगों की जांच हो रही थी, वहां अब औसतन एक दिन में 6 लाख लोगों का ही टेस्ट हो रहा है। लेकिन इंफ़ेक्शन के मामले बढ़ने के बाद अब एक बार फिर से टेस्टिंग बढ़ाने पर ज़ोर देने का फ़ैसला किया गया है।

पिछले कुछ दिनों के दौरान कोरोना इंफ़ेक्शन के मामले बढ़ने की वजह से भारत एक बार फिर दुनिया के उन 15 देशों में शामिल हो गया है, जहां कोरोना के सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। एक्टिव केस का मतलब उन मरीजों से है, जिनका अभी इलाज चल रहा है। ठीक हो चुके या जान गँवा देने वाले मरीज़ों को इसमें शामिल नहीं किया जाता है। 30 जनवरी को भारत इस सूची में 17वें नंबर पर था। लेकिन पिछले दिनों बढ़े संक्रमण की वजह से अब 15वें नंबर पर आ गया है।