दिग्विजय सिंह की अगुवाई में मुंबई में भारत जोड़ो यात्रा, शिवसेना-एनसीपी सहित कई दलों का मिला समर्थन

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के समर्थन में देशभर में निकाली जा रही उपयात्राएं, इसी क्रम में गांधी जयंती के मौके पर मुंबई में यात्रा आयोजन समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में निकली "नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो यात्रा", एनसीपी-शिवसेना समेत कई दलों के कार्यकर्ता हुए शामिल

Updated: Oct 03, 2022, 12:44 AM IST

दिग्विजय सिंह की अगुवाई में मुंबई में भारत जोड़ो यात्रा, शिवसेना-एनसीपी सहित कई दलों का मिला समर्थन

मुंबई। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा देशभर में सुर्खियां बटोर रही है। नफरत के खिलाफ निकाली जा रही इस ऐतिहासिक यात्रा के समर्थन में देशभर में इसी तरह की उपयात्राएं निकाली जा रही है। इसी क्रम में गांधी जयंती के मौके पर मुंबई में "नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो" यात्रा निकाली गई। खास बात यह है कि भारत जोड़ो यात्रा आयोजन समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की अगुवाई में निकाली गई इस यात्रा में दर्जनों दल और सामाजिक संगठन के लोग शामिल हुए।

रविवार को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान से यह एक दिवसीय यात्रा शुरू हुई। महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी भी इस यात्रा का गवाह बनने मुंबई पहुंचे थे। नफरत छोड़ो-भारत जोड़ो यात्रा अगस्त क्रांति मैदान से शुरू होकर ओपेरा हाउस, हुतात्मा चौक, मेट्रो सिनेमा से होती हुई मंत्रालय तक पहुंची। वहां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सर्व धर्म प्रार्थना की गई। मुंबई शहर में यह यात्रा लगभग 7 किलोमीटर की थी। 

कांग्रेस की इस यात्रा में महा विकास आघाड़ी के घटक दल सहित कई सामाजिक संगठन, 21 NGO और कई अन्य राजनैतिक दल भी शामिल हुए। जिसमें शिवसेना , एनसीपी, जनता दल, समाजवादी पार्टी, शेतकरी कामगार पक्ष, कॉम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कॉम्युनिस्ट पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए। BJP, AAP, MNS और AIMIM को छोड़कर अन्य सभी दल इस यात्रा में शामिल हुए। 

महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी ने यात्रा को लेकर कहा कि इस वक्त देश में घृणा और नफ़रत का वर्चस्व बढ़ा है। समाज को घृणा की राजनीति में बांट दिया गया है। इसलिए हम सभी बापू की जयंती पर प्यार मोहब्बत और एकता का संदेश लेकर सड़कों पर उतरे। अहिंसा को कायरों का बहाना बताने की कोशिश कही जा रही है, ऐसे में अब अहिंसा की ताक़त बताने का वक्त आ गया है। 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन का नारा दिया गया। आज समाज में फैली नफ़रत की विचारधारा को खत्म करने के लिए "भारत जोड़ो" मुहिम की शुरुआत की गई है। सभी को इस यात्रा में शामिल होना चाहिए।"