गुलाम नबी की नयी पार्टी का नाम होगा डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी, नवरात्रि के पहले दिन हुई लॉन्चिंग

कांग्रेस छोड़ अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान गुलाम नबी आजाद ने कर दिया है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी रखा है।

Updated: Sep 26, 2022, 06:03 PM IST

गुलाम नबी की नयी पार्टी का नाम होगा डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी, नवरात्रि के पहले दिन हुई लॉन्चिंग

जम्मू। जम्मू काश्मीर के पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने अपनी पार्टी के नाम की घोषणा कर दी है। सोमवार को जम्मू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने नई पार्टी ने नाम का ऐलान किया। गुलाम नबी ने बताया कि उन्होंने अपनी पार्टी का नाम "डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी" रखा है।

मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि इस मौके पर उन्होंने कहा कि मैं अपनी पार्टी का ऐलान पहले करना चाहता था। लेकिन नवरात्रि के शुभ अवसर पर मैं यह पार्टी की शुरुआत कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी है। पार्टी की अपनी सोच होगी किसी से प्रभावित नहीं होगी।

गुलाम नबी ने आगे कहा कि आजाद का मतलब होता है स्वतंत्र। ये पार्टी किसी नेता से प्रभावित होने की जगह पूरी तरह से आजाद रहेगी। नीचे से चुनाव होंगे और एक हाथ में ताकत नहीं रहेगी और जो हमारा संविधान होगा उसमें प्रावधान होगा पूर्ण लोकतंत्र के आधार पर।

उन्होंने तीन रंग वाले पार्टी के झंडे को लॉन्च करते हुए कहा कि ये भी तिरंगा है। जिसमें तीन अलग रंग हैं। उन्होंने मस्टर्ड रंग को क्रिएटिविटी, यूनिटी और डायवर्सिटी से जोड़ा तो सफेद रंग को शांति से और नीले रंग को स्वतंत्रता, समानता, समंदर की गहराई और आसमान की ऊंचाई को नापने वाला बताया।

उन्होंने आगे कहा कि, 'यह पार्टी अपने साथियों के साथ विचार करके बनाई है और इस पार्टी के बारे में किसी अन्य पार्टी को कानों कान खबर नहीं है। हमारी सोच को कोई पार्टी प्रभावित नहीं कर सकती। हमारी पार्टी की विचारधारा गांधी की विचारधारा है।हमारी नीतियां जाति और धर्म से प्रेरित नहीं होगी। राजनीति में हमारे सामने सभी धर्मों का सम्मान और इज्जत है। हम सभी पार्टियों की इज्जत करते हैं। हमारी किसी से राजनीतिक दुश्मनी नहीं है। हमने अपनी बात करनी है और किसी भी नेता के खिलाफ नहीं बोलना है।

बता दें कि बीते महीने गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह धारा 370 को लेकर कश्मीरियों से कोई वादा नहीं करेंगे, क्योंकि अब इसका फिर से लागू होना नामुमकिन है। हां, वो कश्मीरियों के हक के लिए पहले की तरह लड़ते रहेंगे।