दादागिरी करोगे तो हमें तोड़ना मालूम है, बहुत महंगा पड़ेगा, BJP पर बरसे सीएम उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने कहा, अगर आप घर पर हनुमान चालीसा पढ़ना चाहते हैं तो स्वागत है... लेकिन अगर तुम दादागीरी करोगे तो हमें पता है कि कैसे इससे निपटना है, हमें गुस्सा दिलाओगे तो ये आपको बहुत महंगा पड़ेगा

Updated: Apr 26, 2022, 09:02 AM IST

दादागिरी करोगे तो हमें तोड़ना मालूम है, बहुत महंगा पड़ेगा, BJP पर बरसे सीएम उद्धव ठाकरे
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मुंबई। हनुमान चालीसा विवाद पर सीएम उद्धव ठाकरे बेहद आक्रामक होते दिख रहे हैं। उन्होंने बीजेपी को सीधे लफ्जों में चेतावनी देते हुए कहा कि दादागिरी मत करिएगा। ऐसा करने की कोशिश भी की तो हमें पता है कि इसे कैसे ध्वस्त करना है। शिवसेना को उकसाइए मत, वर्ना बहुत महंगा पड़ जाएगा।

उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अगर आप घर पर हनुमान चालीसा पढ़ना चाहते हैं तो कॉल करिए स्वागत है... लेकिन अगर तुम दादागीरी करोगे तो हमें पता है कि कैसे इससे निपटना है। पिछले कुछ दिनों से वो  (BJP)कह रहे हैं कि शिवसेना ने हिन्दुत्व छोड़ दिया है। हमने क्या छोड़ दिया है, क्या हिन्दुत्व धोती है। वो हम पहनते हैं और निकालते हैं। में एक बात याद रखनी होगी। जो हमें हिन्दुत्व के नाम पर लेक्चर दे रहे हैं, उन्होंने हिन्दुत्व के लिए क्या किया है।'

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उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा, 'जब बाबरी मस्जिद गिराई गई तो वे बिलों में घुस गए। राम मंदिर निर्माण का फैसला सरकार का नहीं,बल्कि कोर्ट का था। जब इसके निर्माण का निर्णय़ हुआ तो ये लोग झोला लेकर निकल पड़े। कहां है आपका हिन्दुत्व? बालासाहेब ने हमें जो हिंदुत्व सिखाया है, वह अभी भी उन सभी शिव सैनिकों के दिमाग में है जिन्होंने उन्हें सुना है। उनका हिंदुत्व यह था कि वे नहीं चाहते थे कि हिंदू केवल मंदिरों में घंटियां बजा रहे हों। उन्होंने कहा कि वे ऐसे हिंदू चाहते हैं जो अतिवादियों से मुकाबला करें।'

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि उनके पिता बाल ठाकरे के समय से ही उनके घर साधु-संतों का आना-जाना रहता है। उन्होंने कहा, यदि आपके पास हिंदुत्व का जाप करने की परंपरा नहीं है, तो आप हमारे पास आ सकते हैं। लेकिन ऐसा करने का एक तरीका है। मैंने इसे बचपन से देखा है। साधु और संत जब घर आते हैं, तो दीवाली और दशहरा होता है। हमारे घर में साधुओं और संतों द्वारा हमेशा दौरा किया जाता था, भले ही दशहरा हो या न हो। वे तब आते थे जब बालासाहेब जीवित थे। वे अभी भी घर आते हैं।'

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बता दें कि सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा को बीजेपी का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने का ऐलान किया था। हालांकि, अब दोनों दंपत्ति सलाखों के पीछे है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी, लेकिन बीजेपी ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया।