UP BJP ने गैंगस्टर को बनाया युवा मोर्चा का प्रदेश मंत्री, मर्डर केस में हो चुकी है सजा

उत्तरप्रदेश भाजयुमो में अरविंद राज त्रिपाठी बने प्रदेश मंत्री, हत्या समेत 16 गंभीर मुकदमे दर्ज, गुंडा एक्ट में हो चुकी है कार्रवाई, थाना काकादेव का है हिस्ट्रीशीटर

Updated: Aug 03, 2021, 07:12 PM IST

UP BJP ने गैंगस्टर को बनाया युवा मोर्चा का प्रदेश मंत्री, मर्डर केस में हो चुकी है सजा
Photo Courtesy : ABP

कानपुर। विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी प्रदेश में संगठनात्मक बदलाव कर रही है। मिशन 2022 को लेकर बीजेपी की यूथ विंग भाजयुमो ने प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। कार्यकारिणी में बीजेपी ने कुख्यात गैंगस्टर अरविंद राज त्रिपाठी को मंत्री बनाया है। मर्डर समेत 16 गंभीर मुकदमों का आरोपी त्रिपाठी को अहम पद दिए जाने के बाद हड़कंप मच गया है।

भाजयुमो ने सोमवार को प्रदेश कार्यकारिणी के 26 पदाधिकारियों की सूची जारी की है। इसमें काकादेव निवासी अरविंद राज त्रिपाठी उर्फ छोटू त्रिपाठी को शामिल करने पर विवाद खड़ा हो गया है। त्रिपाठी काकादेव थाने में हिस्ट्रीशीटर हैं। उनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास समेत 16 मुकदमे दर्ज हैं। एक मामले में तो उनकी सजा भी हो चुकी है और जेल में रहकर आए हैं। हालांकि, त्रिपाठी का दावा है कि 15 मामलों में वे बरी हो चुके हैं, जबकि एक अन्य मामला हाईकोर्ट में लंबित है।

यह भी पढ़ें: जासूसी कांड के खिलाफ यूथ कांग्रेस का दिल्ली कूच, MP के 3 हजार कार्यकर्ताओं के साथ संसद घेरने की तैयारी

काकादेव थाने के रिकॉर्ड के मुताबिक त्रिपाठी पर छात्रनेता सनी गिल समेत हत्या के दो केस दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर हत्या के प्रयास के दो केस हैं। पुलिस चार बार उनके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी कर चुकी है। साथ ही रंगदारी, मारपीट के अलावा दो केस सीएलए के भी दर्ज हैं। त्रिपाठी का दावा है कि उनके ऊपर सभी केस विरोधी दलों ने राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज कराए हैं।

भारतीय जनता युवा मोर्चा ने डॉ शिवबीर सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है। बताया जा रहा है कि सिंह का भी इतिहास दागी रहा है। शिवबीर का नाम पिछले दिनों उस समय सुर्खियों में आया था जब एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को पुलिस कस्टडी में भगाने के मामले में एक वीडियो वायरल हुए जिसमें वह भी नजर आया था। माना जाता है कि शिवबीर सिंह ने इस घटना में आरोपी का साथ दिया था। हालांकि साक्ष्य के अभाव में पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकी।